फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: मोंथा से धान की 45 फीसदी फसल नष्ट, मिट्टी में दबीं अच्छी पैदावार की उम्मीदें; आसमान में बादल छाए रहे

Sun, 02 Nov 2025 01:15 AM IST
वाराणसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, बलिया।

सार

UP Weather News: यूपी के बलिया जिले में बीते शुक्रवार की रात में कभी धीमी तो कभी तेज बारिश का दौर चला। शनिवार को भी हल्की बारिश होती रही। बीच में कभी-कभी एकाध घंटे बारिश थमी। बारिश का असर बाजारों पर भी पड़ा। लोग जरूरी काम से ही अपने घर से निकले। 
विज्ञापन
सुखपुरा गांव स्थित खेत में काट कर रखी गई धान की फसल को उठाते किसान। - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

Cyclone Montha: चक्रवाती तूफान मोंथा से जिले में धान की 40-45 फीसदी फसल खराब हुई है। पिछले चार दिनों से रुक-रुक कर बारिश हो रही है। किसान प्रशासन से मुआवजे की मांग कर रहे हैं। उधर, एसपी कार्यालय में पंप लगाकर पानी निकाला जा रहा है। 

विज्ञापन


शनिवार को मामूली बारिश दर्ज की गई लेकिन दिन भर आसमान में बादल छाए रहे। उधर, लगातार बारिश से शहर सहित ग्रामीण इलाकों में जलभराव हो गया है। सड़कें कीचड़ से सनीं हैं। शहर के आवास विकास काॅलोनी, आनंद नगर, टैगोर नगर, काजीपुरा व हरिपुर की स्थिति काफी खराब है। वहीं, जीराबस्ती रोडवेज वर्कशाॅप में एक फीट तक पानी  ठहरा है।

जमा होने से बसों को खड़ा करने में दिक्कत हो रही है। वहीं, आसपास के कई घरों के अंदर तक पानी घुस गया है। उप निदेशक कृषि मनीष कुमार सिंह ने बताया कि किसानों की फसलों का नुकसान का आंकलन राजस्व विभाग की तरफ से किया जाएगा। उसके बाद शासन के निर्देश पर आगे की प्रक्रिया होगी।  बारिश से फसलों की क्षति हुई है। बीमित किसान 72 घंटे के अंदर टोल फ्री नंबर पर सूचना अवश्य दे दें।

विज्ञापन
Trending Videos

फसलें हुईं जलमग्न। - फोटो : संवाद
किसानों ने सौंपा ज्ञापन
रसड़ा क्षेत्र के किसानों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी रवि कुमार को सौंप कर बारिश से किसानों की धान की नष्ट फसल की मुआवजे की मांग की। बीते तीन दिनों से अनवरत वर्षा से नष्ट धान की फसलों की जांच कर पीड़ित किसानों को आर्थिक सहयोग के साथ-साथ तत्काल कृषि ऋण माफ करने की मांग किया। बेमौसम बरसात से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। इस मौके पर अरविंद तिवारी, रामकृष्ण सिंह सेंगर, भानू प्रताप सिंह आदि उपस्थित रहे। 

मुख्य मार्ग पर गिरा पीपल का पेड़
चार दिनों से लगातार हो रही बारिश के बीच शनिवार की सुबह करीब सात बजे बलिया- सिकंदरपुर मुख्य मार्ग पटखौली गांव के सामने विशालकाय पीपल का पेड़ गिरने से करीब चार घंटे तक आवागम बाधित रहा।

पुलिस व वन विभाग की टीम के पहुंचने के बाद किसी तरह से गिरे पेड़ को हटाया गया। अचानक पेड़ के गिरने से दोनों तरफ लगभग एक किमी वाहनों की कतार लग गई। सबसे अधिक दिक्कत स्कूल बसों से जाने वाले बच्चों को हुई। दूसरे मार्ग से स्कूली बसें निकलीं। पेड़ की चपेट में आने से बिजली के तार भी टूट गए, जिससे करीब 10 से 12 घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रही। 
 
विज्ञापन

सांसद पुत्र ने सरकार को कटघरे में खड़ा किया

किसानों को मुआवजा नहीं मिलने पर पूर्व भाजपा सांसद के पुत्र विपुलेंद्र सिंह ने सोशल आईडी पर सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने बताया कि जय प्रकाश नगर से लेकर पूरे बैरिया विधानसभा क्षेत्र के किसानों की हजारों एकड़ फसल बर्बादी हुई है। जिला और तहसील प्रशासन आंशिक क्षति दिखाकर किसानों को सरकार से मिलने वाली सहायता खत्म कर दिया है।

बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। धान की फसल गिर चुकी है। अब कटाई लगभग असंभव है। इसी बीच डीएपी की किल्लत ने किसानों की परेशानियों को और बढ़ा दिया है। क्षेत्र के किसी भी सहकारी समिति गोदाम पर खाद उपलब्ध नहीं है। खुले बाजार में जो खाद मिल भी रही है, वह ऊंचे दामों पर बिक रही है। इससे किसानों के ऊपर दोहरी मार पड़ी रही है। किसानों को मुआवजा दिया जाए। - मो. जियाउद्दीन रिजवी, सपा विधायक, सिकंदरपुर विधानसभा 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर फसलों के नुकसान पर चिंता जताई गई है। किसानों के लिए विशेष आर्थिक सहायता पैकेज की मांग की है। तेज हवाओं और लगातार बारिश से धान की खड़ी फसलें पूरी तरह तहस-नहस हो गई हैं। आग्रह किया गया है कि युद्धस्तर पर सर्वे कराकर प्रभावित किसानों की वास्तविक स्थिति का आकलन कराया जाए। प्रभावित किसानों को शीघ्र मुआवजा दिया जाए। - संजय यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष भाजपा, पूर्व विधायक    

लगातार हो रही बारिश से किसानों की तैयार धान की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। कई स्थानों पर खेतों में फसल सड़ रही है। जो फसल कट चुकी थी, वह भी बारिश में भीगकर खेतों और मेड़ों पर सड़ने लगी है। प्रभावित किसानों को फसल बीमा योजना के तहत तत्काल राहत दी जाए। साथ ही जो किसान बीमा योजना के दायरे में नहीं आते, उन्हें बोआई क्षेत्रफल के आधार पर उचित मुआवजा दिया जाए। - रमाशंकर राजभर, सपा सांसद, सलेमपुर 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें