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Ballia News: तत्कालीन प्रधान, सचिव व तकनीकी सहायक से 1.71 लाख की वसूली का आदेश

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बलिया। नगरा ब्लाॅक के खैरानिस्फी गांव में एमडीएम व पंचायत भवन निर्माण में 14 साल पहले हुए गबन मामले में डीएम रविंद्र कुमार ने 1.71 लाख की वसूली के लिए नोटिस जारी किया है। यह वसूली तत्कालीन प्रधान, सचिव व तकनीकी सहायक से होगी।
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वर्ष 2010 में नगरा ब्लाॅक के सोनाड़ी गांव निवासी इंद्रजीत तिवारी ने अधिकारियों को शिकायती पत्र देकर बताया कि खैरानिस्फी गांव में प्रधान व सचिव की मिलीभगत से एमडीएम के अनाज व कन्वर्जन मनी में धांधली की गई है। तिवारी ने सितंबर 2005 से सितंबर 2010 के बीच दोनों द्वारा खर्च किए गए सरकारी बजट की जांच की मांग की। तत्कालीन डीएम के निर्देश पर तत्कालीन बीएसए एमपी सिंह कुशवाहा ने मामले की जांच एमडीएम के जिला समन्वयक अजीत पाठक से कराई।
जांच में सामने आया कि 55.28 क्विंटल एमडीएम के अनाज का गोलमाल किया गया है इसके लिए 83 हजार 255 रुपये कन्वर्जन मनी का गबन किया गया है। इसके बाद बीएसए ने प्रधान व सचिव से खाद्यान्न व गबन की धनराशि की रिकवरी व विधिक कार्रवाई के लिए 23 अक्तूबर 2010 को डीपीआरओ को जांच रिपोर्ट भेजी। उधर, डीएम के रिपोर्ट पर नगरा ब्लाक के तत्कालीन बीडीओ ने जांच में पाया कि पंचायत भवन निर्माण के लिए 2.84 लाख का आहरण किया गया है लेकिन इसका उपयोग पूरी तरह नहीं किया गया है। तत्कालीन बीडीओ ने इस धनराशि की रिकवरी भी प्रधान व सचिव से करने की संस्तुति की थी। लेकिन यह कार्रवाई ठंडे बस्ते में वर्षों तक पड़ी रही।
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अब शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी रविंद्र कुमार को मामले से अवगत कराया। डीएम ने पंचायत भवन प्रकरण की जांच उपायुक्त श्रम एवं रोजगार मनरेगा व सहायक अभियंता लघु सिंचाई से कराई। डीएम ने एमडीएम व पंचायत भवन निर्माण में तत्कालीन प्रधान प्रभुनाथ सैनी से 70942 व तत्कालीन सचिव हेमंत कुमार से 70942 रुपये तथा तत्कालीन तकनीकी सहायक से एमडीम से संबंधित 29315 रुपये वसूली का आदेश दिया है। डीपीआरओ एसके सिंह ने बताया कि वसूली के लिए नोटिस जारी किया गया है।
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