बलिया। जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार ने ददरी मेले के लिए अधिकारियों को नोडल बनाया है। लेकिन इस आदेश के विरोध में नपा अध्यक्ष संत कुमार के नेतृत्व में सभासदों ने आजमगढ़ मंडल के आयुक्त मनीष चौहान से मुलाकात की और पत्रक सौंपा। इसमें डीएम के निर्णय पर रोक लगाने की मांग की गई।
पत्रक में उल्लेख किया कि जिलाधिकारी ने 26 अक्तूबर को पत्र जारी कर ददरी मेले के संचालन की संपूर्ण व्यवस्था के लिए अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। जबकि नगर पालिका परिषद की नियमावली के अनुसार मेले का प्रबंधन नगर पालिका द्वारा किए जाने की व्यवस्था है। प्रबंध व्यवस्था के लिए जनरल ऑफिस इंचार्ज को संपूर्ण व्यवस्था के लिए उत्तरदायी बताया गया है। नपा के अधिशासी अधिकारी को सहायक के तौर पर नामित किया गया है। नियमावली में पालिकाध्यक्ष को जनरल ऑफिस इंचार्ज बताया गया है।
लेकिन डीएम ने बगैर नपा बोर्ड की सहमति और बगैर किसी सूचना के ददरी मेला के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति कर दी है। इतना ही नहीं डीएम ने इस कार्रवाई से नपा अध्यक्ष और बोर्ड को भी अवगत नहीं कराया, जो नपा अध्यक्ष व बोर्ड के अधिकारों को पूर्णतया अतिक्रमण है। इससे सभी 25 वार्डों के सभासदों में काफी आक्रोश व्याप्त है। पत्र की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री समेत मुख्य सचिव, नगर विकास मंत्री, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री के साथ-साथ विशेष सचिव,नगर विकास विभाग,लखनऊ को भी प्रेषित की गई है। आयुक्त से मिलने वालों में सभासद ददन यादव, अमित दूबे, सुमित मिश्रा गोल, प्रेरक गुप्ता, मुकेश यादव, अलाऊद्दीन विक्की, मनोज गुप्ता, बबलू गोड़ आदि शामिल रहे।