बैरिया विकास खंड के लोहिया ग्राम सभा बलिहार में चौपाल लगाने के लिए बुधवार को ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर डीएम कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान ग्रामीणों ने खंड विकास अधिकारी बैरिया के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। कहा कि गरीबों को रहने के लिए आवास नहीं है और अमीरों को इंदिरा आवास दे दिए गए है। समझाने पहुंचे एडीएम खेमपाल सिंह की बात जब ग्रामीणों ने नहीं मानी तो डीएम ने खुद चौपाल लगाने व विभिन्न प्रकरणों की जांच कराने का आश्वासन देकर मामला शांत कराया।
लोहिया ग्राम बलिहार में इंदिरा आवास से लेकर मनरेगा जाब कार्ड, समाजवादी पेंशन, नाली खडंजा निर्माण आदि में बड़े पैमाने पर धांधली की गई है। इस घोटाले की जांच के लिए ग्रामीणों ने कई बार जिले के आला अफसरों से गुहार लगाई। लेकिन नतीजा सिफर रहा। ग्रामीणों ने सूचना अधिकार के तहत भी गांव में कराए गए विकास कार्यो का लेखा जोखा ग्राम विकास मंत्रालय से मांगा लेकिन वांछित सूचनाएं आज तक उपलब्ध नहीं कराई गई। इस मामले में ग्रामीणों ने चौपाल लगाकर विकास कार्यों का सच देखने के लिए अधिकारियों से क ई गुहार लगाई थी, लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
इससे नाराज सैकड़ों ग्रामीण बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंच गए। हाथों में तरह-तरह के स्लोगन लिखे तख्तियों को लेकर डीएम कार्यालय का घेराव किया। जिला प्रशासन एवं खंड विकास अधिकारी बैरिया के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कहा कि ग्राम में कराए गए विकास कार्यों का कोई लेखा-जोखा विकास खंड कार्यालय में नहीं है। यहीं नहीं मौके पर पहुंचे एडीएम खेमपाल सिंह को भी ग्रामीणों ने अपने सवाल से निरूत्तर कर दिया। अंतत: जिलाधिकारी ने ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल को बुलाकर जल्द ही गांव में चौपाल लगाने का भरोसा दिया तब जाकर ग्रामीण वापस लौटे। घेराव करने वालों में रविंद्र मिश्र, सोनू दूबे, मंगल कुमार मिश्र, सुरेंद्र यादव, मुनिला भर, बलिराम पटेल, प्रभु चौधरी, सुग्रीव यादव के साथ अन्य महिलाएं उपस्थित रहे।