बलिया। कोरोना संक्रमण को लेकर कक्षा आठ तक के स्कूल एक बार फिर बंदी की दौर से गुजर रहे हैं। बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए वर्चुअल पढ़ाई को लेकर भले ही बेसिक शिक्षा विभाग दिन रात एक किए हुए है। बावजूद इसके एलकेजी से लेकर आठवीं तक के बच्चों की पढ़ाई पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। वैसे तो सरकारी तंत्र वर्चुअल क्लॉसेज और ऑनलाइन पढ़ाई को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रहा है, लेकिन आंकड़े कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। हालांकि प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए ऑनलाइन शिक्षा एक बार फिर संजीवनी साबित हो रही है। हालांकि सरकारी विद्यालयों की स्थिति कुछ इतर है, क्योंकि यहां पढ़ने वाले अधिकांश बच्चों के पास स्मार्टफोन और 4 जी इंटरनेट की सुविधा नहीं है। इससे करीब 75 फीसदी बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। दूसरी ओर निजी स्कूलों में ऑनलाइन शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्रों की संख्या करीब 80 फीसदी है।
2249 स्कूलों में हैं कुल 2.91 लाख छात्र
बलिया। जिले में 2249 परिषदीय विद्यालय हैं, जिनमें कुल 2.91 लाख बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं। इसमें कक्षा एक से पांच तक के छात्रों की संख्या एक लाख 53 हजार 250 है। बेसिक शिक्षा विभाग की माने तो कक्षा पांच तक के अधिकांश छात्र किसी न किसी कारण ऑनलाइन शिक्षा नहीं ग्रहण कर पाते हैं। इस तरह, कुल 255 फीसदी बच्चे ही ऑनलाइन शिक्षा ग्रहण कर पा रहे हैं।
एक साल पहले शुरू हुई थी कवायद, एक माह भी नहीं चल सके स्कूल
बलिया। वैसे तो कोरोना महामारी के प्रथम चरण यानी मार्च 2020 में ही स्कूलों ने छात्रों की पढ़ाई के नुकसान की भरपाई के लिए ई-लर्निंग का रास्ता अपनाया था। हालांकि, अक्टूबर 2020 में सरकार ने पहले कक्षा 9 से 12वीं तक के स्कूलों के संचालन की इजाजत दी। उसके बाद बीते फरवरी में कक्षा छह से आठवीं तक के स्कूलों को खोलने की अनुमति दी और बीते एक मार्च से सभी स्कूलों को ऑफलाइन संचालन की अनुमति दी थी लेकिन अचानक कोरोना संक्रमण के दूसरे चरण के तेजी से फैलाव को देखते हुए पुन: स्कूलों को बंद कर दिया है। ऐसे में अध्यापक बच्चों को पुन: व्हाट्सएप के जरिए वर्कशीट भेजकर होमवर्क देकर पढ़ाई में निरंतरता बनाने की पहल कर रहे हैं।
पूर्व में हुई डाटा फिडिंग और अपडेशन में खामी के कारण प्राथमिक स्कूलों में ऑनलाइन शिक्षा को भले ही कमतर आंका जा रहा है लेकिन ग्राउंड पर स्थिति काफी हद तक ठीक है और प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षक व्हाटसएप के माध्यम से ग्रुप बनाकर बच्चों को पढ़ा रहे हैं। खामियों को शीघ्र ही दुरुस्त किया जाएगा। - शिव नारायण सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी, बलिया