कन्नौज, किसान, सीएम योगी आदित्यनाथ
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विधानसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी ने किसानों का कर्ज माफ करने का वादा किया था। मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में एक लाख तक के कर्ज माफी पर मुहर भी लग गई। कर्जमाफी से जिले के करीब सवा लाख लघु किसान लाभान्वित होंगे। विभिन्न बैंकों के अलावा सहकारी बैंकों में एनपीए हो चुके किसानों के खाते के बाबत बैंकों को भी भरपाई की उम्मीद है। कर्जमाफी के अटकलों के चलते ही बीते मार्च महीने में बैंकों की ओर से वसूली को लेकर कोई खास अभियान नहीं चलाया गया। हालांकि एलडीएम रंजीत सिंह ने बताया कि शासनादेश मिलने के बाद ही गाइड लाइंस के अनुसार लाभ दिया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक, जिले में कुल दो लाख 85 हजार 381 किसान हैं। कृषि विभाग के आंकड़े को मानें तो करीब ढाई लाख किसानों ने कर्ज लेकर ही खेती का काम किया है। इसमें केसीसी व फसली ऋण योजना के जरिए बैंकों से कर्ज लिया गया है। बैंकिंग अधिकारियों की मानें तो जिले में करीब 60 हजार किसानों के ही खाते एक्टिव हैं और शेष खाते में अधिकांश एनपीए हो चुके हैं। एलडीएम की मानें तो किसानों से वसूली के लिए उत्पीड़नात्मक कार्रवाई पर रोक है लिहाजा आरसी तो जारी की जाती है लेकिन वसूली नहीं हो पाती है। अधिकांश किसानों के कर्ज 50 हजार या इससे अधिक का है। किसानों के अलावा सहकारी बैंकों को भी कर्जमाफी योजना के तहत होने वाली भरपाई से बैंकों की दशा सुधरने की उम्मीद है।
जिला सहकारी बैंक के सचिव पीएन राय की मानें तो कुल 18 हजार 521 किसानों पर बैंक का कुल 18 करोड़ 38 लाख 29 हजार का बकाया है। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि बैंक का कर्ज वापस नहीं होने के कारण बैंकों की दशा इस कदर खराब हुई कि करीब 15 सालों से बैंक की ओर से किसानों को कर्ज नहीं दिया गया। बताया कि सरकार से मदद मिलने व लाइसेंस मिलने से इस साल करीब 35 लाख की केसीसी स्वीकृत की गई। इसके अलावा राष्ट्रीयकृत बैंकों में भी डेढ़ लाख से अधिक किसानों के खाते एनपीए हैं और किसानों के विरुद्व आरसी जारी है। कर्जमाफी से जनपद के करीब सवा लाख लघु और सीमांत किसान लाभान्वित होंगे। असरवार गांव के किसान कामेश्वर, रमेश, पारस आदि ने बताया कि कर्जमाफी से काफी हद तक समस्या दूर हो जाएगी।