बलिया। उत्तर प्रदेश शासन ने सत्तू को ओडीओपी में शामिल करने के साथ ही उसको बढ़ावा देने पर भी काम शुरू कर दिया है। सरकार की तरफ से पारंपरिक खान-पान और ''एक जनपद एक व्यंजन'' योजना के तहत सत्तू आधारित उत्पादों और व्यंजनों का कारोबार करने वालों को अनुदान दिया जा रहा है।
शासन की तरफ से जिले में 2026-27 में 10 कारोबार का लक्ष्य दिया गया है। अभी तक एक कारोबार के लिए आवेदन आए हैं। इसके लिए शासन स्तर से 25 से 50 लाख तक अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। ओडीओसी योजना के तहत आवेदन करने वाले उद्यमियों को स्थानीय व्यंजनों से जुड़ी नई इकाइयों की स्थापना, विस्तार और विविधीकरण के लिए बैंकों के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
परियोजना लागत के आधार पर अधिकतम 50 लाख रुपये तक की मार्जिन मनी सहायता दी जाएगी। दो वर्ष तक इकाई के सफल संचालन के बाद यह राशि अनुदान के रूप में ऋण खाते में समायोजित कर दी जाएगी। सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को 10 प्रतिशत तथा अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, महिला एवं दिव्यांग श्रेणी के लाभार्थियों को मात्र पांच प्रतिशत अंशदान देना होगा।
जिला उद्योग केंद्र उपायुक्त रोशन अंबेडकर ने बताया कि सत्तू के व्यंजन को बढ़ावा देने के लिए सरकार की तरफ से योजना का संचालन शुरू हो गया है। बाटी-चोखा, लड्डू समेत अन्य व्यंजन का कारोबार करने के लिए शासन स्तर से अनुदान दिया जा रहा है।