बलिया। अनसूचित वर्ग उत्पीड़न के लाभार्थियों के लिए शासन ने समाज कल्याण विभाग को एक करोड़ की धनराशि उपलब्ध कराई है। इससे जिले के 153 लाभार्थियों को लाभ मिलेगा। हालांकि इसके बावजूद 50 से अधिक लाभार्थियों को बजट का इंतजार करना पड़ेगा।
शासन की ओर से अनुसूचित जाति व जनजाति वर्ग के किसी सदस्य पर अन्य वर्ग के लोगों द्वारा किसी तरह की घटना होने व अनुसूचित जाति उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज होने पर शासन की ओर से बतौर क्षतिपूर्ति धनराशि उपलब्ध कराने का प्रावधान है। यह प्रक्रिया अधिकतम एक माह में पूरी करने का प्रावधान किया गया है। लेकिन जिले में महीनों से लाभार्थी समाज कल्याण विभाग का चक्कर काट रहे हैं। बताया जाता है कि विभाग में 204 लाभार्थियों की रिपोर्ट पुलिस अधीक्षक कार्यालय से सहायतार्थ भुगतान के लिए जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय को पहुंचा। लेकिन धनाभाव के कारण लाभार्थियों का भुगतान अटका हुआ था। इन लाभार्थियों को भुगतान के लिए विभागीय अधिकारी की ओर से 2.35 करोड़ का मांगपत्र शासन को भेजा गया था। शासन से विभाग को एक करोड़ की धनराशि उपलब्ध कराई गई है। अब विभाग ने इनके भुगतान की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हालांकि अभी भी बजट पर्याप्त नहीं होने के कारण 50 से अधिक लाभार्थियों को कुछ दिनों का इंतजार करना पड़ेगा।
अनुसूचित जाति उत्पीड़न से संबंधित लाभार्थियों के खाते में भुगतान किया जाता है। धनाभाव के कारण बड़ी संख्या में लाभार्थियों का भुगतान नहीं हो पा रहा था। शासन से धनराशि उपलब्ध कराई गई है और भुगतान की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। - विनोद सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी, बलिया।