बलिया। जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस समारोह के दूसरे दिन कुलपति कल्पलता पांडेय के संरक्षण में सभी संकुलों की ओर से अपने-अपने परिक्षेत्र के धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व के स्थलों पर साफ-सफाई की गई और महापुरुषों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया।
ब्रह्माणी संकुल की ओर से ब्रह्माइन मंदिर पर साफ-सफाई के कार्य में विश्वविद्यालय परिसर के सभी विभागों के प्रोफेसरों एवं छात्रों ने सहभागिता जाहिर की और मां ब्रह्माणी का पूजन-अर्चन किया। इसके बाद, कलेक्ट्रेट परिसर में जननायक चंद्रशेखर, चित्तू पांडेय और वीर कुंवर सिंह की मूर्तियों पर माल्यार्पण कर उनके विचारों एवं स्मृतियों को नमन किया। महर्षि भृगु संकुल के सभी महाविद्यालयों ने भी अपने आसपास की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया।
टीडी कॉलेज के प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों ने चौराहे पर स्थित रामदहिन ओझा एवं चित्तू पांडेय की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया। कुंवर सिंह महाविद्यालय के प्राध्यापकों और विद्यार्थियों ने वीर कुंवर सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। गुलाब देवी महिला महाविद्यालय की ओर से बालेश्वर मंदिर परिसर की साफ-सफाई की। महाविद्यालय बांसडीह की ओर से पौराणिक शिव मंदिर अवनीनाथ के परिसर की साफ-सफाई की गई। मां कपिलेश्वरी भवानी कपूरी मंदिर के परिसर की साफ-सफाई गौरी भैया महाविद्यालय सागरपाली द्वारा की गई।
सतीश चंद्र कॉलेज के विद्यार्थियों द्वारा सतीश चंद्र कॉलेज के संस्थापक सतीशचंद्र गिरी की प्रतिमा की साफ-सफाई की गई तथा तारकेश्वर पांडेय, संत रविदास, शहीद मंगल पांडेय, बाबा भृगु मंदिर, भृगु आश्रम तथा गणिनाथ आश्रम की सफाई और पूजा अर्चना की गई। जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चितबड़ागांव, कामेश्वर धाम संकुल द्वारा कामेश्वर धाम मंदिर, कारों एवं भीखा साहब, गुलाल साहब, हरलाल साहब के समाधि स्थल रामशाला, चितबड़ागांव के मंदिरों में सेवा कार्य किया गया।
बजरंग कालेज, दादर आश्रम द्वारा राम सिंहासन दास ब्रह्मचारी और चंद्रशेखर आजाद तथा देवेंद्र कालेज, बेल्थरा रोड, तथागत संकुल की ओर से देवेंद्र सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। मौके पर प्रो. नीरजा सिंह, प्रो. अंजनी सिंह, प्रो. अशोक सिंह, प्रो. फूलबदन सिंह, प्रो. अरविंद नेत्र पांडेय, प्रो. आरएन मिश्र, प्रो. बैकुंठनाथ पांडेय, प्रो. शिवाकांत मिश्र, प्रो. अशोक कुमार, डॉ. पुष्पा मिश्रा, डॉ. अजय चौबे, डॉ. प्रियंका सिंह, डॉ. अंगद गुप्त आदि प्राध्यापकों ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।