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Ballia News: रोज जल रहे औसतन तीन ट्रांसफार्मर, व्यवस्था फ्यूज

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बलिया। गर्मी बढ़ने से अचानक बिजली की मांग बढ़ गई है। शहर से लेकर गांवों तक ट्रांसफार्मर ओवरलोड हो गए हैं। इसके वजह से रोजाना जल रहे हैं। इससे विभाग को राजस्व की हानि तो हो ही रही है, बिजली न रहने से लोगों को गर्मी में परेशान होना पड़ रहा है। औसतन तीन ट्रांसफार्मर रोज जल रहे हैं। जले ट्रांसफार्मरों की मरम्मत को लेकर वर्कशॉप पर भी लोड बढ़ गया है। ग्रामीण इलाकों में निर्धारित 72 घंटे में ट्रांसफार्मरों को बदलना भी मुश्किल हो रहा है।
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भीषण गर्मी के मौसम में नगर सहित जिले के विभिन्न इलाकों में ओवरलोड के चलते ट्रांसफार्मर फूंक जा रहे हैं। इससे लोगों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। शासन की तरफ से निर्धारित शेड्यूल के अनुसार बिजली नहीं मिल पा रही है। कई दिनों तक बिजली गुल हो जाने के चलते दिन रात बिताना मुश्किल हो रहा है। शिकायत के बाद भी विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त नहीं पा रहा है। नगर सहित जिले में कुल 31567 ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। बताया जाता है कि विभाग की तरफ से ट्रांसफार्मरों का उचित रख रखाव सही ढंग से न होने के चलते आए दिन तकनीकी खामी के चलते फॉल्ट हो जा रहा है। इसके चलते घंटों बिजली गुल हो जा रही है। भीषण गर्मी के मौसम में एसी, कूलर सहित अन्य उपकरणों के चलने से बिजली की खपत बढ़ गई है। अधिकारियों के अनुसार कई क्षेत्रों में उपभोक्ताओं द्वारा निर्धारित लोड से अधिक बिजली का उपभोग करने से यह स्थिति आई है। बिजली विभाग के वर्कशाप में मरम्मत के लिए 50 ट्रांसफार्मर आए हैं। जिसमें 100 केवीए के 20, 65 केवीए के 20, 25 केवीए के 10 ट्रांसफार्मर हैं। वर्कशॉप के अवर अभियंता ने बताया कि सबसे अधिक 100 केवीए के ट्रांसफार्मर जल रहे हैं। यह भी बताया कि प्रतिदिन औसतन तीन ट्रांसफार्मर जलने की सूचना मिलती है जबकि एक ट्रांसफार्मर को पूरी तरह मरम्मत कर तैयार करने में तीन से चार दिनों का समय लगता है। बताया कि विशेष स्थितियों में आजमगढ़ व मऊ से ट्रांसफार्मरों को मंगा कर बदलने का काम किया जाता है लेकिन इसके बावजूद सभी जगह ट्रांसफार्मर बदलना मुश्किल हो रहा है। अधिकारियों के अनुसार गर्मी के कारण ही ट्रांसफार्मरों अधिक जल रहे हैं। नगर क्षेत्र में ट्रांसफार्मर जलने की स्थिति में ट्रॉली ट्रांसफार्मर से आपूर्ति बहाल कर दी जाती है लेकिन ग्रामीण इलाकों में कई दिनों तक लोगों को ट्रांसफार्मर के लिए इंतजार करना पड़ता है।
40 ट्रांसफार्मरों की है पेंडेंसी
जिले के अलग-अलग क्षेत्रों के 100 के 20 व 65 केवीए के 20 ट्रांसफार्मरों की अभी पेंडेंसी चल रही है। इसके चलते 15 गांवों में आपूर्ति प्रभावित है। इन ट्रांसफार्मरों के मरम्मत का कार्य चल रहा है। दो से तीन दिनों में यह ट्रांसफार्मर तैयार होंगे।
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प्रतिदिन औसतन तीन ट्रांसफार्मर जलने की शिकायत मिलती है। बड़ी संख्या में ट्रांसफार्मरों के जलने से वर्कशॉप भी ओवरलोड हो गया है। ट्रांसफार्मरों को तैयार करने में समय लगता है इसके चलते परेशानी बढ़ गई है। - आरके चौधरी, अवर अभियंता, वर्कशॉप, विद्युत, बलिया
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