बलिया। जिले के विद्युत वितरण खंड द्वितीय में एजेंसियों को भुगतान के लिए कूटरचित बिल व अन्य दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करने का मामला सामने आया है। इसका खुलासा पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंधक निदेशक की ओर गठित टीम की जांच में हुआ है।
जांच के बाद प्रबंध निदेशक ने विद्युत वितरण खंड द्वितीय के अधिशासी अभियंता, लेखाकार, दो कार्यालय सहायक व ड्राफ्टमैन को निलंबित कर दिया है। एमडी ने सभी निलंबित कर्मियों को कार्यालय मुख्य अभियंता (वितरण) बस्ती क्षेत्र, पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड बस्ती से संबद्ध किया है।
एक ओर विद्युत विभाग वर्षों से आर्थिक संकट से जूझ रहा है और इसे लेकर बकायेदारों पर शिकंजा कसने के लिए तरह-तरह के उपाय किए जाते हैं। वहीं, विभागीय अफसर और कर्मचारी सरकारी धन का बंदरबांट करने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाते हैं। बताया जाता है कि विद्युत विभाग में अधिकांश कार्य कार्यदायी संस्थाओं के माध्यम से कराया जाता है। इन एजेंसियों को भुगतान के लिए विभागी ओर से ईआरपी प्रणाली की व्यवस्था की गई है। इस पोर्टल पर कार्य से संबंधित पूरा ब्योरा अपलोड किया जाता है, जो ऑनलाइन ही स्वीकृति के लिए उच्चाधिकारियों के यहां पहुंचता है।
विद्युत वितरण खंड द्वितीय की ओर से करीब दो माह पहले एजेंसियों को भुगतान के लिए ईआरपी प्रणाली पर बीजक, अनुबंध प्रपत्र, कार्यों का मापन, निविदा, अनुमोदन प्रपत्र आदि अपलोड किए गए थे। करीब एक पखवारा पहले पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड वाराणसी के प्रबंध निदेशक ने मामले के सत्यापन के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित कर जांच के लिए जिले में भेजा।
टीम ने 12 जून को अपनी रिपोर्ट प्रबंध निदेशक कार्यालय को सौंप दी। टीम की रिपोर्ट पर पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड वाराणसी के प्रबंध निदेशक ने विद्युत वितरण खंड द्वितीय के अधिशासी अभियंता आशीष कुमार अग्रवाल, लेखाकार राहुल कुमार यादव, कार्यालय सहायक अब्दुल मारिफ, कार्यालय सहायक दुर्गादत्त सिंह, ड्राफ्टमैन राजेश कुमार को निलंबित कर दिया।
दो माह पहले करोड़ों के राजस्व नुकसान मामले में दर्ज हुआ था मुकदमा
करीब दो माह पहले भीर विद्युत विभाग के अधिकारियों ने जांच में मीटर रीडिंग में गड़बड़ी पकड़ी थी। इसके बाद अधिकारियों ने कार्यदायी संस्था के अधिकारियों के खिलाफ करीब चार करोड़ रुपये राजस्व नुकसान के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था। यह मामला अभी भी जांच में लटका हुआ है।
एजेंसियों को भुगतान के लिए बिल आदि अपलोड करने के मामले की जांच प्रबंध निदेशक की ओर से कराई गई थी। इसमें गड़बड़ी मिलने प्रबंध निदेशक की ओर से विद्युत वितरण खंड द्वितीय के अधिशासी अभियंता समेत पांच कर्मियों को निलंबित किया है। - वकार अहमद, अधीक्षण अभियंता, विद्युत, बलिया