बलिया। जिले में ओडीएफ घोषित किए गए 1844 गांवों में से 1094 गांव मंडलीय सत्यापन में मानकों पर खरा नहीं पाए गए। ऐसे में मंडलीय सत्यापन में मानक के विपरीत मिले 1094 गांवों का ओडीएफ अमान्य कर दिया गया है। इससे जिले में स्वच्छ भारत मिशन अभियान की पोल खुल गई है। उधर, इसको लेकर पंचायती राज विभाग ने ओडीएफ को लेकर कवायद तेज कर दी है और सभी ब्लॉकों के एडीओ को पत्र जारी कर रिपोर्ट मांगी है।
जिले में करीब तीन दशक से अलग-अलग अभियान के तहत शौचालय निर्माण का काम पंचायती राज विभाग की ओर से कराया जा रहा है। वर्ष 2015-16 में स्वच्छ भारत मिशन लागू किया गया और इसके तहत सभी गांवों को ओडीएफ करने के लिए जिले के 1844 राजस्व गांवों में कुल तीन लाख 18 हजार 246 शौचालयों का आवंटन किया गया। पंचायती राज विभाग गांवों को ओडीएफ करने में जुटा रहा। जनपद के गांवों को तीन माह पहले ओडीएफ घोषित कर दिया गया लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। पंचायती राज विभाग के अधिकारियों की मानें तो बेसलाइन सर्वे के आधार पर ही गांवों को ओडीएफ करने का काम किया गया।
इसके बाद दोबारा हुए सर्वे के आधार पर पंचायती राज विभाग की ओर से 73361 शौचालयों का आवंटन वर्ष 18-19 में किया। वर्तमान में 12977 शौचालयों की धनराशि लाभार्थियों को भेजी जा रही है। आठ माह पहले विभाग की ओर से ओडीएफ घोषित गांवों का सत्यापन जब मंडलीय टीम ने किया तो कहीं शौचालय का निर्माण अधूरा मिला तो कहीं स्कूलों में बने शौचालय ध्वस्त मिले। इतना ही नहीं कई गांवों में सड़कों पर शौच मिला। इसके आधार पर मंडलीय टीम ने घोषित 1844 गांवों के सापेक्ष 1094 गांवों के ओडीएफ को अमान्य कर दिया। उधर, इस रिपोर्ट के बाद पंचायती राज विभाग भी अलर्ट हो गया है। डीपीआरओ ने सभी ब्लॉकों के एडीओ को पत्र जारी करते संबंधित गांवों के बाबत रिपोर्ट मांगी है और ओडीएफ के लिए कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। जिला पंचायत राज अधिकारी एसडी पांडेय ने बताया कि मंडलीय टीम ने काफी पहले सत्यापन किया था। उस समय अधिकांश गांवों में शौचालय निर्माण का कार्य चल रहा था और बेसलाइन सर्वे के आधार पर ही गांवों को ओडीएफ किया गया था। जिन गांवों में कमियां मिली हैं उन गांवों को ओडीएफ करने के लिए सभी एडीओ से रिपोर्ट मांगी गई है।
सबसे अधिक सीयर के 118 गांव मिले मानक के विपरीत : बलिया। जिले के कुल 1844 राजस्व गांवों को आठ माह पहले ओडीएफ घोषित किया गया था लेकिन मंडलीय टीम के सत्यापन में 1094 गांव मानक पर खरे नहीं उतरे। इसमें सबसे अधिक सीयर ब्लॉक के 118 गांव शामिल हैं। इसके अलावा बांसडीह के 114, गड़वार के 113, रसड़ा के 107, पंदह के 61, नवानगर के 41, दुबहड़ के 68, मुरलीछपरा के 19 और बैरिया ब्लॉक के 27 गांव शामिल हैं। इसके अलावा रेवती ब्लॉक के 45, सोहांव के 36, चिलकहर के 96, नगरा के 94, बेरुआरबारी के 40, हनुमानगंज के 24 व मनियर के 91 गांवों के ओडीएफ को मंडलीय टीम ने अमान्य कर दिया है।