हल्दी। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत उचित दर की दुकानों से अब गेहूं, चावल के साथ ही साबुन, शैंपू, टूथ पेस्ट, चाय, पेन, कापी, आआरएस पैकेट, टैबलेट, कंडोम और सेनेटरी नैपकिन तक बेचा जाएगा। इस संबंध में शासनादेश जारी किया गया है। दुकानदारों की आय बढ़ाने के लिए ऐसा किया गया है। प्रभारी प्रमुख सचिव मनीष चौहान ने सोमवार को आयुक्त, खाद्य एवं रसद विभाग, मंडलायुक्तों और और जिलाधिकारियों इस संबंध में पत्र भेजा है। जिले के 1668 कोटेदारों को निर्धारित सामग्री बेचने की जिम्मेदारी दी जाएगी।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत संचालित उचित दर दुकानों के दुकानदारों की आय बढ़ाने के लिए अतिरिक्त वस्तुओं की बिक्री के लिए आयुक्त खाद्य एवं रसद विभाग के प्रभारी प्रमुख सचिव, उत्तर प्रदेश शासन मनीष चौहान ने 11 नवंबर 2019 को पत्र जारी कर निर्देशित किया है। उत्तर प्रदेश आवश्यक वस्तु वितरण का नियंत्रण मुल्य पर प्राप्त नहीं हो रहा है। विक्रय उचित दर दुकानों से करने की अनुमति इस शर्त के अधीन दी जाती है कि एफएसएसएआई के मानकों का अनुपालन हो तथा वस्तुओं की गुणवत्ता प्रमाणित हो। इस बाबत कोटेदार संघ बेलहरी के अध्यक्ष अनिल तिवारी ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा 2015 में गठित बाधवा समिति की रिपोर्ट 2016 में जारी हुई जिसमें कहा गया है कि कोटेदारों को 40 हजार मानदेय दिया जाए, लेकिन सरकार लागू नहीं कर रही है। जबकि अन्य प्रदेशों में अच्छा कमीशन निर्धारित है। मई 2018 में ईपोस मशीन लगाया गया लेकिन उसके मेंटिनेंस के लिए भी सरकार कुछ नहीं दे रही है। इस बाबत जिलापूर्ति अधिकारी कृष्ण गोपाल पांडेय ने कहा कि इस बात की लिखित सूचना अभी नहीं मिली है। दूसरे माध्यम से पता चला है कि ऐसा होना है। आदेश आने के बात ही सही तथ्य बताया जा सकता है।