पीसी-पीएनडीटी एक्ट के तहत अल्ट्रासाउंड सेंटर्स पर सख्त नियम हैं। हर रिपोर्ट पर रेडियोलॉजिस्ट या सोनोलाजिस्ट का नाम, पंजीयन संख्या, हस्ताक्षर और तारीख अनिवार्य है। लेकिन बैरिया तहसील के अधिकांश सेंटर्स इन नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। किसी भी सेंटरों पर चिकित्सक व टेक्नीशियन नहीं हैं। सिर्फ फर्जी कागज से सेंटर खोल कर संचालक सेंटर चला रहे हैं।
बैरिया कस्बा व रानीगंज में कई अल्ट्रासाउंड वाले अधिक पैसा लेकर लिंग की भी जांच खुलेआम करते हैं। सोनोलॉजिस्ट न होने के कारण गलत रिपोर्ट के कारण मरीज के इलाज प्रभावित होता है। कुछ सेंटर मरीजों को सादे कागज पर प्रिंट की गई अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट थमा दे रहे हैं। इसको लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश व्याप्त है।
केस 01 : सुरेमनपुर गांव निवासी रविन्द्र यादव ने बताया कि सीएचसी के पास संचालित एक अल्ट्रासाउंड से चिकित्सक की सलाह पर पेट की जांच कराई। रिर्पोट में पेट में पथरी की शिकायत आई। वाराणसी जाकर आपरेशन के पूर्व जांच कराई तो कुछ भी नहीं था।
केस 02 : उपाध्याय पुर गांव निवासी पूर्व प्रधान धर्मेद्र तिवारी ने बताया कि एक रिश्तेदार को कमर में दर्द होने पर चिकित्सक की सलाह पर बैरिया कस्बा स्थित अल्ट्रासाउंड जांच केंद्र पर जांच कराया तो किडनी में पथरी है। बीएचयू जाकर चेक हुआ तो सबकुछ ठीक था।
केस 03 : रेवती कस्बा निवासी मंजू देवी को पेट दर्द होने पर अल्ट्रासाउंड जांच कराई। जांच रिपोर्ट में स्टोन की शिकायत आई। परिजन ऑपरेशन के लिए जगदीशपुर स्थित निजी अस्पताल में दिखाया गया तो उन्होंने दुबारा अल्ट्रासाउंड जांच कराई जहां कोई स्टोन नहीं था। पेट में संक्रमण के कारण दर्द की शिकायत थी, दवा खाने के बाद आराम मिल गया।
केस 04 : जेपी नगर निवासी मनोज यादव की पत्नी को तीन माह की गर्भवती थी। अल्ट्रासाउंड जांच कराने पर गर्भ खराब होने की रिपोर्ट मिली। चिकित्सक ने सफाई की सलाह दी। परिजन जिला महिला अस्पताल लेकर पहुंचे, वहां चिकित्सक ने अल्ट्रासाउंड जांच कराई तो गर्भ ठीक था। उसके बाद वह महिला अस्पताल में दिखाने लगे।
सोनबरसा सीएचसी के प्रभारी राजेश कुमार ने बताया अल्ट्रासाउंड रेडियोलॉजिस्ट या सोनालॉजिस्ट कर सकते हैं। रिपोर्ट पर चिकित्सक का नाम, हस्ताक्षर, पंजीयन नंबर व तारीख अनिवार्य है। सादे कागज या फिर बिना चिकित्सक के नाम व हस्ताक्षर के अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट देना गलत है। नियम विरुद्ध संचालित अल्ट्रासाउंड के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की जाएगी।