बलिया। एसआईआर के बाद प्रशासन की तरफ से हटाए गए मतदाताओं को नोटिस देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मतदाता सूची में कटे हुए नाम वाले मतदाता खुद को साबित करने के लिए परिवार रजिस्टर की नकल समेत अन्य आवश्यक कागजात जुटाने में लगे हैं। नोटिस मिलने के बाद एक सप्ताह के अंदर उन्हें खुद को मतदाता साबित करने के लिए साक्ष्य देना पड़ेगा। लोग परिवार रजिस्टर की नकल के लिए आवेदन करने लगे हैं। निकायाें से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक के लोग आवेदन कर रहे हैं। जिले के सात विधानसभा क्षेत्र में एसआईआर प्रक्रिया में नो मैपिंग वाले करीब 142121 को प्रशासन की तरफ से नोटिस देने की कार्रवाई शुरू हो गई है। नोटिस के एक सप्ताह के अंदर साक्ष्य सहित जवाब मांगें गए हैं।
भारत निर्वाचन आयोग ने साक्ष्य में परिवार रजिस्टर की नकल को मान्यता दी है, जिससे नो मैपिंग के श्रेणी में आए लोगों ने साक्ष्य जुटाने के लिए साल-2003 की मतदाता सूची में खुद के नाम सहित माता-पिता, दादा-दादी के नाम न होने की स्थिति में संबंधित क्षेत्र में मकान होने के चलते परिवार रजिस्टर की नकल जुटानी शुरू की है।
नोटिस पर बतौर साक्ष्य लगाए जाने के लिए लोगों ने ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों के कार्यालयों में नकल दिए जाने के लिए आवेदन देने के साथ ही आनलाइन आवेदन शुरू कर दिए हैं। संबंधित विभाग आवेदन का परीक्षण करने के बाद जारी कर रहे हैं।