आजमगढ़ मंडल के डीआईजी प्रशांत कुमार रविवार को जिला मुख्यालय पहुंचे। इस दौरान पुलिस लाइन में डीआईजी की निगरानी में पुलिसकर्मियों ने फायरिंग का अभ्यास किया।
पुलिस लाइन के मनोरंजन हाल में डीआईजी ने पुलिस अधिकारियों की बैठक ली। इस दौरान डीआईजी ने कानून-व्यवस्था को लेकर सभी को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान डीआईजी ने महिलाओं से संबंधित अपराधों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई का निर्देश मातहतों को दिया।
उन्होंने जिले में लूट, हत्या और चोरी की घटनाओं की भी समीक्षा करने के साथ ही इस पर नकेल कसने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिया।
बैठक में पुलिस अधीक्षक राजू बाबू सिंह, एएसपी केसी गोस्वामी, प्रतिसार निरीक्षक त्रयंबक दुबे सहित विभिन्न सर्किलों के सीओ और थानों के एसओ मौजूद रहे। इससे पूर्व डीआईजी ने आजमगढ़ डीआईजी ने रसड़ा कोतवाली का औचक निरीक्षण किया।
इस दौरान उन्होंने कोतवाली के विभिन्न अभिलेखों का गहनता पूर्वक अवलोकन किया। यहां सब कुछ ठीक-ठाक मिला। डीआईजी ने एसपी राजूबाबू सिंह के साथ कोतवाली परिसर का निरीक्षण किया। इसके बाद कोतवाली के कंप्यूटर कक्ष, हवालात, अपराध रजिस्टर, हिस्ट्री शीटर रजिस्टर, सक्रिय अपराध रजिस्टर, उपस्थित पंजिका आदि का अवलोकन किया। इसके लिए डीआईजी ने दीवान अवधेश सिंह और मुंशी फरहान खां, राजीव शर्मा को सराहनीय कार्य के लिए पीठ थपथपाई दी।
इस मौके पर सीओ कृष्ण कांत सिंह, कोतवाली प्रभारी संदीप कुमार सिंह, विपिन कुमार यादव, रामाश्रय चौधरी, भानू प्रताप सिंह, रघुराज सरोज आदि मौजूद रहे।