सुगर के मरीजों के लिए खुशखबरी है कि वे अब अपनी चाय में सैकरीन के बदले एक्टिविया का दो बूंद रस या उसके पत्ते डालकर उसका सेवन कर सकते हैं। इससे चाय को मीठा बनाने के लिए महंगी सैकरीन उन्हें बार-बार खरीदनी नहीं पड़ेगी। बस... एक-दो पौधे गमले में रोप कर उसके पत्ते से चाय को सुगर फ्री के साथ ही मीठा बना सकते हैं।
ददरी मेले के पौध यार्ड में इस बार तुलसी, स्वीविया, अध्वगंधा जैसे आयुर्वेदिक पौधों की भरमार है। इससे इतर एक्टिविया का पौधा मेलार्थियों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। पौधशाला के संचालक मतलूब खान ने बताया कि जो लोग सुगर की बीमारी से जूझ रहे हैं।
उनके लिए एक्टिविया एक बेहतर विकल्प है। चाय के अलावा किसी भी मीठे व्यंजन में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। बस इसके एक या दो पत्ते को पीसकर उसका रस किसी भी व्यंजन में डाल देने से वह मीठा हो जाता है। मेले में यह पौधा 50 रुपये में मिल रहा है।
लोग इसे खूब पसंद कर रहे हैं। बताया कि यह पौधा हिमालय इलाके का है। इसकी देखरेख बढ़िया से किए जाने पर यहां के मौसम में भी यह जी सकता है और इससे हजारों सुगर के मरीज लाभान्वित हो सकते हैं।