बलिया। चितबड़ागांव में पहले सील किए जा चुके एक निजी अस्पताल के दोबारा संचालित होने की शिकायत पर बुधवार को अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर आरके चौधरी, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी योगेन्द्र दास ने मौके पर पहुंचकर जांच की।
जांच के दौरान अस्पताल संचालक द्वारा आवश्यक अभिलेख, डॉक्टर की डिग्री, मान्यता संबंधी दस्तावेज और अन्य पत्रावलियां प्रस्तुत नहीं कर सकी। इसके बावजूद तत्काल कार्रवाई के बजाय अस्पताल संचालक को एक सप्ताह में पत्रावली उपलब्ध कराने या बंद करने की चेतावनी दी।
एसीएमओ ने जांच के दौरान अस्पताल की महिला संचालक को निर्देश दिया कि एक सप्ताह के भीतर सभी आवश्यक दस्तावेज, पंजीकरण, चिकित्सकों की डिग्री तथा अन्य मानक संबंधी अभिलेख प्रस्तुत करें। एसीएमओ ने कहा कि जिले में बिना मान्यता और मानकों के अस्पतालों का संचालन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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जांच पर शटर गिरा भागा संचालक
चितबड़ागांव कस्बे में संचालित कई निजी अस्पतालों और क्लीनिकों में जांच की सूचना पर खलबली मची रही। कई संचालकों ने अपने प्रतिष्ठानों के शटर गिरा दिए और मौके से गायब हो गए। जांच के दौरान स्थानीय लोगों ने मंडी के सामने समेत अन्य स्थानों पर बिना पंजीकरण के अस्पताल और क्लीनिक संचालित होने की शिकायत भी एसीएमओ से की। इस पर उन्होंने कहा कि यदि लिखित शिकायत प्राप्त होती है तो संबंधित संस्थानों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
चितबड़ागांव में एक निजी अस्पताल मानक विहीन संचालित होने की शिकायत पर एसीएमओ जांच के लए गए थे। अस्पताल संचालक कोई पत्रावली न दिखा सका। नोटिस जारी किया गया है। तय समय के बाद विभागीय कार्रवाई करने का नियम है। - डॉक्टर अभय नारायण राय, मुख्य चिकित्सा अधिकारी बलिया।