बलिया। ईओ-चेयरमैन और सभासदों के बीच विकास कार्य ठप होने के लंबे समय से चल रहे विवादों के बीच नगर पंचायत चितबड़ागांव की ओर से बुधवार को एक साथ 40 कार्यों के लिए निविदा जारी कर दी गई। इस निविदा में ठेकेदारों की चांदी हो गई है। कारण कि निविदा में किसी प्रकार की जमानत राशि और कार्यवधि तय की ही नहीं गई है। अलबत्ता यह जिक्र जरूर है कि इच्छुक ठेकेदार आठ मार्च तक कार्यालय में दिन में दो बजे तक आवेदन कर सकते हैं, निविदा उसी दिन तीन बजे खोली जायेगी। लेकिन इसके लिए धरोहर राशि और अन्य विवरणों की जानकारी मांगना नगर पंचायत प्रशासन ने जरूरी नहीं समझा है। वहीं, दूसरी तरफ विभागीय सूत्र इसे ईओ-चेयरमैन-सभासद के बीच छिड़ी जंग के पटाक्षेप करने से जोड़ कर देख रहे हैं।
नगर पंचायत में पिछले एक वर्ष से चेयरमैन केशरी नंदन त्रिपाठी और अधिशासी अधिकारी दिनेश कुमार विश्वकर्मा के मध्य विकास कार्यों को लेकर विवाद चल रहा था। हाल ही में इस जंग में सभासदों की भी इंट्री हो गई। सभासदों और चेयरमैन ने ईओ के खिलाफ मिल कर मोर्चा खोल दिया और 24 फरवरी को डीएम से मिलकर ईओ पर नगर का विकास कार्य ठप कर देने और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए ज्ञापन सौंपा था। साथ ही ईओ को हटाने की मांग भी की थी। इसके बाद विवाद को शांत करने के लिए ईओ की ओर से आनन-फानन में समाचार पत्रों में एक टेंडर का प्रकाशन कराया गया। प्रकाशित निविदा पत्र में नगर पंचायत की ओर से 40 कार्यों का विवरण और उसकी आगणन धनराशि का ब्योरा तो दिया गया, लेकिन यह उल्लेख नहीं किया गया कि संबंधित कार्य ठेकेदार को कितने दिन में पूरा करना है और उसके लिए कितनी जमानत राशि देनी होगी। यही नहीं टेंडर में यह जिक्र भी नहीं किया गया कि निविदा प्रपत्र का मूल्य कितना होगा।
चितबड़ागांव नगर पंचायत के चेयरमैन केसरी नंदन त्रिपाठी संभव है कार्यालय में लिपिकीय त्रुटियों के कारण प्रकाशित निविदा में कुछ खामी रह गई हो, अगर ऐसा हुआ है तो शुद्धि पत्र का प्रकाशन कर उसमें सुधार किया जाएगा। प्रकाशित टेंडर का विवाद से कोई संबंध नहीं है। वहीं इस मामले में चितबड़ागांव नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी दिनेश कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि इस टेंडर का विवाद से कोई लेना देना नहीं है। विकास कार्य हमारी प्रतिबद्धता में शुमार है। अगर प्रकाशित टेंडर में कोई अशुद्धि रह गई है तो उसे दूर करने का प्रयास किया जायेगा। हमारा उद्देश्य नगर पंचायत को आदर्श नगर पंचायत बनाने का है।