बुधवार की रात थाने में धरने पर बैठी नेहा सिंह सीओ के आश्वासन के बाद अपने घर तो लौट गई। गुरुवार को फिर थाने पहुंची पीड़िता नेहा उसकी मां छाया, मामा मंटू तथा भाई को न्याय तो नहीं मिला। उन्हें पुलिस की लाठियां जरूर खानी पड़ीं। इस प्रकरण में नेहा के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुकदमा भी दर्ज कर लिया। पुलिस ने शांतिभंग में चालान करने के बाद एसडीएम ने भी चारों की जमानत खारिज कर उन्हें जेल भेज दिया।
पुलिस के दिए गए आश्वासन के क्रम में विवाहिता नेहा अपने मां संध्या और दो भाइयों के साथ बैरिया थाने पहुंची। वहां पर जाते ही महिला पुलिस कर्मियों ने नेहा और उसकी मां संध्या की जमकर पिटाई की। पुलिस ने दोनों भाइयों को भी पीटने के बाद नेहा सहित चारों को लॉकअप में डाल दिया। इस दौरान पुलिस ने हत्या का प्रयास के साथ ही गलत साक्ष्य देने तथा जानमाल की धमकी देने का मुकदमा दर्ज कर लिया। हालांकि इन धाराओं के जमानती होने की दशा में पुलिस ने चारों चारों आरोपियों को शांति भंग की आशंका के मद्देनजर 151 के तहत बैरिया एसडीएम के यहां चालान कर दिया। एसडीएम ने शांति भंग की प्रबल संभावना को ध्यान में रखकर जमानत रद करते हुए उन्हें जेल भेज दिया।
इस बाबत उपजिलाधिकारी अरविंद कुमार ने बताया कि दो दिनों से थाने में हंगामा चल रहा था। शांतिभंग की आशंका थी। पुलिस ने आत्महत्या का प्रयास, झूठा साक्ष्य देने तथा जान-माल का धमकी देने का मुकदमा पंजीकृत किया है। लेकिन शांति भंग की गंभीर स्थिति को देखते हुए चारों आरोपियों की जमानत खारिज कर दी गई है।