वेतन भुगतान के लिए छह दिनों से धरने पर बैठे डीआरडीए कर्मचारियों का सब्र मंगलवार को टूट गया। उत्तर प्रदेश डीआरडीए इंप्लाईज यूनियन के बैनर तले कर्मचारियों ने विकास भवन के मुख्य गेट और कृषि भवन पर ताला लगाकर काम रोक दिया।
सूचना पर नगर मजिस्ट्रेट रामसिंह वर्मा और सीओ सिटी डीपी सिंह पहुंचे। एक सप्ताह के लिए आंदोलन स्थगित करने के लिए मनाया लेकिन वे नहीं माने। विकास भवन में कोई काम नहीं हो सका। डीआरडीए कर्मचारियों को कई संगठनों से समर्थन दिया।
तालाबंदी के बाद विकास भवन के बाहर कर्मचारियों ने सभा की। सभा में श्रमिक नेता बलवंत कुमार सिंह ने कहा कि डीआरडीए कर्मचारियों का आंदोलन पूरी तरह से जायज है।
कर्मचारियों को काम के बदले दिए जाने वाले वेतन को रोकना किसी भी हाल में ठीक नहीं है। विकास भवन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अविनाश उपाध्याय ने कहा कि कर्मचारी हितों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारी अपना उल्लू सीधा करने में लगे हैं।
उधर विकास भवन और कृषि भवन में ताला जड़ने के बाद आला अफसर हरकत में आए। अधिकारियों ने बार-बार कर्मचारियों से हड़ताल खत्म कर कुछ समय देने के लिए कहा, लेकिन कर्मचारी जिद्द पर अड़े रहे। ऐसे में अधिकारी विकास भवन और कृषि भवन में प्रवेश नहीं कर सके।
ऐसे में कई मामलों में शासन को भेजा जाने वाला जवाब तक नहीं जा सका। इस मौके पर समर्थन में जिला सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष चंद्रशेखर यादव, विकास विभाग के लल्लन, विनय प्रकाश, नारायण यादव, ग्राम पंचायत अधिकारी संगठन के अजीत वर्मा, ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के अध्यक्ष राजाराम सिंह, ग्राम विकास अधिकारी संघ के अध्यक्ष हर्षदेव, राजकीय वाहन चालक संघ के अनिल सिंह सहित विभिन्न संगठनों के नेता मौजूद रहे।