बेल्थरारोड। मास्क लगाने और मुंह पर रुमाल बांधने के बाद भी व्यापारी भाइयों की बृहस्पतिवार को डंडे से पिटाई मामले में पीडि़त दुकानदार की तहरीर पर तत्कालीन एसडीएम अशोक चौधरी के खिलाफ पुलिस ने एनसीआर दर्ज किया है।
दुकानदार रजत चौरसिया ने कहा कि चौकिया मोड़ पर उसकी दुकान है। वह गुड़गांव ( हरियाणा ) में एक कंपनी आईसीएटी में ट्रेनी इंजीनियर है। पुलिस को दी तहरीर में उसने कहा है कि बृहस्पतिवार को अपरान्ह वह अपने भाई आशुतोष के साथ दुकान पर बैठा था। वह मास्क पहने हुए था और भाई ने मुंह पर रुमाल बांध रखा था। इसी बीच दुकान पर अचानक तत्कालीन एसडीएम अशोक चौधरी आए और उनके कहने पर साथ आए होमगार्ड ने भाई को बाहर खींच लिया। जब वह बात करने के इरादे से बाहर आया तो एसडीएम डंडे बरसाने लगे। उसने अपनी शिक्षा व नौकरी का हवाला दिया लेकिन इसका कोई असर नहीं पड़ा। डंडे से चोट लगने से उसकी दोनों अंगुली फट गई है। नाखून उखड़ गया है। हाथ में भी चोट लग गई है। भाई के दोनों हाथ भी जख्मी हैं। पुलिस ने तहरीर के आधार पर एनसीआर दर्ज किया है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। रजत ने संबंधित वीडियो भी पुलिस को दिया है। रजत ने बातचीत में बताया कि उनके साथ मारपीट करने से भी तत्कालीन एसडीएम का मन नहीं भरा तो उन्होंने दोनों को थाने भेज दिया। इसके काफी देर बाद तहसील से एक कर्मचारी आया तथा उनसे एक माफीनामा लिखवाने के बाद छोड़ा गया।
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आरोपी एसडीएम को बर्खास्त किया जाए: राम इकबाल सिंह
नगरा। भाजपा नेता व पूर्व विधायक रामइकबाल सिंह ने कहा कि 20 अगस्त को बिल्थरारोड में तत्कालीन एसडीएम अशोक चौधरी ने अंग्रेजी हुकूमत की याद को ताजा कर दिया। एसडीएम ने ये कार्रवाई योगी सरकार को बदनाम करने के उद्देश्य से किया। दुकानदारों की दुकान से खींच कर पिटाई की गई। ऐसी घटना कभी राजनैतिक जीवन में कभी नहीं देखी।
शुक्रवार को अतिथि गृह में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने दोषी एसडीएम को निलंबित तो कर दिया लेकिन इससे जनता के घाव पर मरहम नहीं लग पाएगा। एसडीएम को बर्खास्त किया जाना चाहिए। इसकी जांच मंडलायुक्त से करानी चाहिए। उन्होंने कहा कि एसडीएम के मामले में केवल एनसीआर दर्ज कर औपचारिकता पूरी की गई है। एसडीएम व घटना में शामिल पुलिसकर्मियों पर आपराधिक मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस समय हालात ये हैं कि भाजपा कार्यकर्ता थाने जाने से डर रहे हैं। थाने में उनकी पिटाई हो रही है। कोरोना के नाम पर अधिकारी मालामाल हो रहे हैं। इस खेल में स्वास्थ्य विभाग व प्रशासनिक अधिकारी लिप्त हैं। 50 प्रतिशत अस्पतालों में डाक्टर नहीं हैं। कोरोना काल में मास्क व हेलमेट चेकिंग के नाम पर पुलिस जम कर वसूली कर रही है।