बलिया। प्रदेश सरकार ने प्राकृतिक आपदा प्रभावितों और दिव्यांगों को मुख्यमंत्री आवास देने का प्रावधान किया है। इसके तहत जिले को दूसरे चरण में कुल 185 आवास का आवंटन किया है। इसमें प्राकृतिक आपदा प्रभावित 108 लोगों को आवास मुहैया कराया जाएगा। 77 आवास दिव्यांगों को आवंटित किया जाएगा।
इससे बैरिया तहसील के दो गांवों के बाढ़ व कटान में घर खोने वालों 47 लाभार्थियों को भी लाभ दिया जाएगा। इनके लिए, दयाछपरा गांव में एक ही स्थान पर आवास का निर्माण कराया जाएगा। जमीन भी चिह्नित कर ली गई है। वर्ष 18-19 में प्रदेश सरकार की ओर से मुख्यमंत्री आवास योजना की शुरुआत की गई।
योजना में प्रावधान किया गया है कि एक अप्रैल 2017 के बाद प्राकृतिक आपदा से ऐसे पीड़ित जिनका नाम सेक सूची में नहीं है उन्हें आवास का लाभ दिया जाएगा। वर्ष 2022-23 में जिले के लिए पहले चरण में शासन की ओर से कुल 261 मुख्यमंत्री आवास का लक्ष्य निर्धारित किया। इन आवासों का निर्माण चल रहा है। दूसरे चरण में सरकार ने 185 मुख्यमंत्री आवास का लक्ष्य निर्धारित किया है।
इसमें मुख्य रुप से प्राकृतिक आपदा प्रभावितों के लिए 108 व दिव्यांगों के लिए 77 आवास निर्धारित है। प्राकृतिक आपदा में कुल 47 आवास बैरिया तहसील के केहरपर व गोपालपुर के बाढ़ व कटान पीड़ितों को दिया जाएगा। इसमें 14 आवास अनुसूचित वर्ग व 33 आवास सामान्य वर्ग के बाढ़ व कटान में घर खोने वालों को दिया जाएगा। इसके अलावा अन्य ब्लॉकों के गांवों में विभिन्न तरह के प्राकृतिक आपदा से घर गंवाने वाले को आवास की सुविधा दी जाएगी। जिलाधिकारी ने प्राकृतिक आपदा पीड़ितों को मुख्यमंत्री आवास उपलब्ध कराने के लिए शासन से मांग की थी।
जिले को दूसरे चरण में कुल 185 मुख्यमंत्री आवास का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। ब्लॉकों को आवास का लक्ष्य निर्धारित कर लाभार्थियों का चयन करने का निर्देश दिया गया है। बैरिया तहसील के केहरपुर व गोपालपुर के बाढ़ व कटान पीड़ित 47 लोगों को आवास दिया जाएगा। - उमेश मणि त्रिपाठी, पीडी, डीआरडीए, बलिया