क्षेत्र के पश्चिमोत्तर भाग को सिंचित करने वाली दोहरीघाट मुख्य नहर के गुलौरा माइनर की शाखा नहरों में पानी नहीं छोड़े जाने से कई गांवों की सैकड़ाें एकड़ कृषि भूमि की सिंचाई नहीं हो पा रही है। इसकी वजह से फसलों पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है।
घाघरा तट पर स्थित गुलौरा माइनर से तीन शाखा नहरें एक दर्जन से अधिक गांवों की कृषि भूमि की सिंचाई करती है।
लेकिन पिछले कई माह से माइनर में पानी नहीं छोड़ा जा रहा है। जिससे लगभग एक हजार एकड़ से अधिक कृषि भूमि की सिंचाई नहीं हो पा रही है। पानी के अभाव में गेहूं, गन्ना, दलहनी फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। महुआतर निवासी पूर्व प्रधान रामसमूझ यादव ने कहा कि नहरों में पानी नहीं छोड़े जाने से फसलें सूख रही हैं।
वहीं गुलौरा निवासी प्रमोद मिश्र का कहना है कि विभागीय अधिकारियों की लापरवाही से खेतों में खड़ी फसल सूख रही है। चैनपुर निवासी प्रसिद्ध नारायण मिश्र, विशुनपुरा निवासी बहादुर यादव आदि किसानों ने कहा कि यदि कभी-कभी नहर में पानी छोड़ा जाता है तो झाड़-झंखाड़ के चलते पानी बीच में ही ओवर फ्लो हो जाती है। साथ ही टेल तक पानी नहीं पहुंच पाता। उन्होंने नहरों के साफ-सफाई के साथ ही पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की।