बलिया। नगर पंचायत मनियर की अधिशासी अधिकारी के आत्महत्या प्रकरण में नगर पंचायत अध्यक्ष व आरोपी बाबुओं की गिरफ्तारी के लिए धरपकड़ तेज कर दी गई है। रविवार को अध्यक्ष के भाई समेत एक बाबू के भाई व नगर पंचायत मनियर के माली को भी पुलिस ने उठाया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार माली लगातार चेयरमैन के संपर्क में था और यहां होने वाली हर गतिविधि की जानकारी दे रहा था। अब पुलिस उसके मोबाइल नंबर के आधार पर अध्यक्ष को ट्रेस करने में जुटी है। इस बीच सीओ सिटी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि मामले में रविवार देर रात को भी लगभग चार से पांच लोगों को उठाया गया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है। ये सभी लोग चेयरमैन भीम गुप्ता से जुड़े बताए जा रहे हैं।
इस बीच सोमवार को शाम पांच बजे के बाद एसडीएम बांसडीह दुश्यंत कुमार मौर्य, सीओ बांसडीह दीपचंद अचानक मनियर थाने पहुंचे। अधिकारियों ने थानाध्यक्ष से बात की और फिर उन्हें लेकर बड़ागांव के रास्ते बेरूआरबारी जाने वाले रास्ते से रवाना हो गए। बताया जाता है कि नरही, भरौली या बक्सर इलाके में किसी की लोकेशन मिली है और उसी की धरपकड़ के लिए रवाना हुए हैं। गौरतलब हो कि मणि मंजरी के मामले को लेकर प्रशासन व पुलिस के लोगों ने अब धरपकड़ अभियान को काफी तेज कर दिया है।
डीआईजी से मिलकर संतुष्ट हुए मणि मंजरी के परिजन
बलिया। मणि मंजरी के परिजन रविवार को पुलिस उप महानिरीक्षक आजमगढ़ सुभाष चंद्र दूबे से मिले। डीआईजी ने मणि मंजरी के भाई व अन्य लोगों को पूरे मामले में चल रही जांच की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि मामले में सभी आरोपियों को हरहाल में गिरफ्तार किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ ऐसे नाम भी हैं जो आरोपी नहीं हैं, लेकिन जांच में उनकि स्थिति संदिग्ध नजर आ रही है।
मणि मंजरी के भाई विजयानंद राय ने बताया कि अभी दो तीन पहले उनके यहां पूर्व केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा आए थे। उन्होंने परिवार वालों को हर संभव मदद का भरोसा देते हुए वहीं से डीआईजी आजमगढ़ से बात की और पूरे मामले में निष्पक्ष जांच कराने के लिए कहा। उनसे बातचीत के बाद रविवार को विजयानंद परिवार के अन्य लोगों के साथ रविवार को डीआइजी से मिलने पहुंचे। डीआईजी ने इन लोगों से लगभग दो घंटे तक बातचीत की और पूरे मामले में न्याय का भरोसा दिलाया। उन्होंने परिवार वालों को यह भी बताया कि जांच में अब की स्थिति के अनुसार जो लोग नामजद किए गए हैं सभी की भूमिका संदेह के दायरे में है और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए प्रयास तेज कर दिया गया है। इस दौरान जांच में कुछ ऐसे लोगों के नाम भी सामने आ रहे हैं जो तहरीर में नामजद नहीं हैं, लेकिन जांच में उनकी भूमिका संदिग्ध नजर आ रही है।