बाबा तिलेश्वर नाथ मंदिर में नागपंचमी की पूजा करतीं महिलाएं।
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नाग पंचमी का त्योहार पूरे जनपद में शुक्रवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। महिलाओं ने गाय के गोबर से नाग देवता की तस्वीर को घरों के दीवारों पर बनाया। इसके बाद पूजा-अर्चना की। कई जगहों पर नाग को दूध और लावा भी चढ़ाया गया। वहीं दूसरी ओर नागपंचमी पर कई स्थानों पर दंगल का आयोजन भी हुआ, जहां पहलवानों ने दांवपेंच आजमाए।
मनियर संवाददाता के अनुसार, मनियर के असना में नाग पंचमी पर रामजीत बाबा के स्थान पर हजारों भक्तों ने नाग देवता के मंदिर में पूजा-अर्चना की साथ लाए दूध व लावा चढ़ाया। गांव से जुलूस के साथ डीजे पर डांस करते हुए युवाओं ने बाबा की जयकारा लगाते हुए स्थान पर पहुंचे। हुजूम के रोकने के लिए भारी मात्रा में पुलिस मौजूद रही। मेले में विविध कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया था।
घोषा संवाददाता के अनुसार, नगर पंचायत बांसडीह सहित ग्रामीण क्षेत्रों में हर्षोल्लास के साथ नाग पंचमी मनाई गई। इस दौरान लोगों ने नाग देवता को परंपरा के अनुसार दूध और लावा चढ़ाया तथा इस अवसर पर वशिष्ठ ठाकुर की अगुवाई में सैकड़ों युवाओं ने 100 से लेकर डेढ़ सौ फीट लंबे बांस के झंडे को पूरे नगर में भ्रमण कराने के बाद बांसडीह कोतवाली अंतर्गत ग्राम दराव में स्थित राम जी बाबा के स्थान पर स्थापित किया।
रसड़ा प्रतिनिधि के अनुसार, नागपंचमी का त्योहार शुक्रवार को श्रद्धा एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। नाग देवता को हर जगह दूध एवं लावा चढ़ा कर प्रसन्न किया। इस दौरान कहीं-कहीं गांवों में अखाड़े पर युवा बच्चों ने अपने कुश्ती लड़कर कला-कौशल का प्रदर्शन किया। धीरे-धीरे लुप्त होती जा रही सदियों से चली आ रही परम्परा को कुछ गांवों में अखाड़ो पर पहलवानी करते युवा एवं बच्चे पहलवानी करते नजर आए। कोटवारी, नागपुर, प्रधानपुर, नरला, बनियाबांध, सरदासपुर, अठिलापुरा, जाम, सरायभारती, सिलहटा सहित नगर के गांधी पार्क में युवा एवं बच्चे कुश्ती में दांवपेंच की आजमाइश करते देखे गए।