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एनआरसी के विरूद्घ मुसलमानों ने पीएम को भेजा पाती

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नवानगर। दरगाह शाहवली कादरी के सज्जादा नशीन सैयद मिन्हाजुद्दीन अजमली ने एनआरसी कैब का शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जताते हुए, उप जिलाधिकारी व क्षेत्राधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री भारत सरकार को प्रेषित विज्ञप्ति सौंपा। शनिवार की दोपहर को दरगाह शाह वाली कादरी के प्रांगण में पहुंचीं उप जिलाधिकारी सिकंदरपुर अन्नपूर्णा गर्ग व क्षेत्राधिकारी पवन कुमार को एनआरसी कैब के विरोध में विज्ञप्ति सौंपा।
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कहा कि दरगाह शाहवली कादरी हमेशा से अमन पसंद ख्यालात कर रहा है तथा नगर के एकता को बनाए रखने के लिए सदैव तत्पर रहा है। यह परंपरा सैकड़ों वर्षों से हमारे बाप दादा के जमाने से चली आ रही है। हमारे यहां धर्म मजहब का पूरा सम्मान किया जाता है। सैयद मिनहाजुद्दीन अजमलीदरगाह शाह वली कादरी ने कहा कि सिकंदरपुर की ऐतिहासिक दरगाह शाह वली कादरी सिकंदरपुर ही नहीं अपितु भारत के प्राचीन दरगाह में से एक है। यहां पिछले 840 वर्षों से सद्भाव आपसी सौहार्द एवं भाईचारे का पैगाम दिया जाता है, यहां बिना भेदभाव के करीब आठ शताब्दियों से मानवता की सेवा की जाती रही है। उन्होंने कहा कि यह कानून भारतीय संविधान की आत्मा के विरुद्ध है और मुख्यत: समानता का अधिकार (अनुच्छेद 14) की अवहेलना करता है। यह कानून मुल्क में अमन चैन, सौहार्द और सांप्रदायिक सद्भाव के लिए खतरा है। यह कानून पड़ोसी देशों में से हमारे रिश्ते को और कमजोर करने का कारण बनेगा। मुख्य रूप से बांग्लादेश में रहने वाले डेढ़ करोड़ हिंदू भाई-बहनों की परेशानी का कारण बनेगा। भारत विश्व का सबसे बड़ा गणतंत्र है। इस कानून से भारत ही पहचान और सेकुलरिज्म करैक्टर का नुकसान हुआ है। यह कानून भारत में रहने वाले अल्पसंख्यक मुसलमानों को धर्म की बुनियाद पर पर डालता है। इसके बाद पूरे सिकंदरपुर कस्बे में शांतिपूर्वक तरीके से जुलूस निकाल कर विरोध जताया गया।
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