बलिया। फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम (एफआरएस) के जरिये लाभर्थियों को पोषाहार वितरित करने के प्रमाणित कार्य में जिले के 17 ब्लाॅकों में मुरलीछपरा, बैरिया, नगरा व रेवती पिछड़ गए हैं। 31 दिसंबर तक एफआरएस कार्य को पूरा करना था लेकिन ये सभी ब्लाॅक 40 प्रतिशत तक कार्य पूरा नहीं कर सके हैं। ऐसे में सीडीओ ने ब्लाॅक पर तैनात सीडीपीओ को नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही कार्रवाई की चेतावनी भी जारी की है। शासन ने निर्देश दिए कि अब बिना चेहरे की पहचान के किसी भी लाभार्थियों को पोषाहार का वितरण नहीं किया जाएगा। इसको लेकर शासन की तरफ से पोषण ट्रैकर एप शुरू किया गया है। इस पर सभी लाभर्थियों का पूरा डाटा और चेहरे का फोटो अपलोड किया जाना है। इसके लिए 31 दिसंबर तिथि निर्धारित की गई है। शासन से ओर से मिली अंतिम तिथि समाप्त होने में महज एक दिन रह गए हैं। जबकि अपलोडिंग का काम अभी अधूरा पड़ा है। अभी तक ब्लाॅक मुरली छपरा 22, नगरा 36, रेवती 39 व नगरा 36 प्रतिशत ही एफआरएस का कार्य पूरा हुआ है। ऐसे में सीडीओ ओजस्वी राज ने इसे गंभीर लापरवाही माना है। उन्होंने इन सभी को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। डीपीओ केएम पांडेय ने बताया कि चार ब्लाॅकों की लापरवाही से जिले की रैंकिंग पर असर पड़ा है। इसे डीएम व सीडीओ ने काफी गंभीरता से लिया है। ऐसे में एफआरएस न होने से पुष्टाहार से पात्र वंचित हो जाएंगे।
सीयर ब्लाॅक टाप, दुबहड़ दूसरे नंबर पर
फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम में सबसे ऊपर सीयर ब्लाॅक है। ब्लाॅक की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने 84 प्रतिशत तक सफलता प्राप्त की है। वहीं, दुबहड़ ब्लाक में 64 व रसड़ा ब्लाॅक में 63 प्रतिशत तक कार्य हो गया है।