बलिया। दसवीं मुहर्रम पर रविवार को नगर के विशुनीपुर, काजीपुरा, राजपूत नेउरी, परमंदापुर, विजयीपुर, जंगे अली मुहल्ला, गुदरी बाजार, बहेरी, उमरगंज मुहल्ले से ताजिये का जुलूस निकाला गया। इसके बाद या हुसैन की सदाओं के साथ करबला में ताजिये दफन हुए। जुलूस में लोगों ने जंजीरी मातम किया। 472 जगहों पर मुहर्रम का जुलूस निकला। समें 27 स्थान संवेदनशील रहे, पुलिस सतर्क रही, ड्रोन से पुलिस निगरानी करती रही।
नगर के विशुनीपुर स्थित स्व. मुनीर हसन जैदी के सदर इमामबाड़े अकीदत के साथ अंजुमन हाशिमियां के सदस्यों ने जंजरी मातम जुलूस निकाला। जो करबला पहुंचकर सलाम के बाद ठंडा किया गया। इस मौके पर आसिफ हुसैन,रविश हैदर,महफूज आलम,रियाजुल हसन,नबील हैदर,रशि हुसैन,रविश हैदर,जैनुल आदि रहे।
रसड़ा:
मुहर्रम पर नगर में शिया समुदाय ने मातमी ताजिया व अलम का जुलूस निकाला। जुलूस के दौरान या हुसैन के नारों साथ छाती पर हाथ पीटने व जंजीरी मातम को देखने के लिए लोगो की भीड़ उमड़ी रही। मौलाना मिशन अली एवं मौलाना सादिक अली ने तकरीर की।
सहतवार:
परंपरागत तरीके से ताजिये का जुलूस निकाला गया। इसमें क्षेत्र के विभिन्न अखाड़ों ने भाग लिया और हैरतअंगेज करतब दिखाते हुए लोगों को रोमांचित कर दिया।
दयाछपरा: क्षेत्र
के
चिंतामणि राय के टोला निवासी मोहम्मद इसराइल के नेतृत्व में दया छपरा के मोहम्मद नजीर, माधो मिश्र के टोला निवासी मोहम्मद जमील, मिस्र के हाता निवासी मोहम्मद शाहिद, मुरली छपरा निवासी अजमेर अंसारी के साथ ही भुआल छपरा निवासी छोटू बनिया की नेतृत्व में ताजिया निकाल कर मिलान करते हुए अंत में चिंतामणि राय के टोला स्थित कर्बला पर दफनाया गया। मनियर क्षेत्र में 15 गांवों में 20 जगहों से जुलूस निकाला गया। जो रामपुर स्थित लखनी के ताल, बड़ी मस्जिद स्थित कर्बला व शेखपुर के कर्बला में दफन किया गया।
बेल्थरारोड: नगर के बिचला पोखरा, बांसपार बहोरवा, पिपरौली बड़ागांव, फरसाटार, मोलनापुर, पड़सरा समेत ग्रामीण क्षेत्रों में जुलूस निकाले गए। विभिन्न स्थानों का भ्रमण कर जुलूस देर शाम तक कर्बला पहुंचा, जहां पूरी अकीदत के साथ दफन किया गया। चितबड़ागांव:
जुलूस नगर के शहीद स्मारक तिराहा, अंबेडकर नगर तिराहा, स्टेट बैंक तिराहा होते हुए नगर भ्रमण कर पुनः अपने स्थान पर लौटा और कर्बला में ताजिया दफन के साथ संपन्न हुआ। सिकंदरपुर:
कस्बा स्थित डोमनपुरा, मिल्की मोहल्ला, बढ्ढा, गंधी मोहल्ला समेत दो दर्जन से अधिक अखाड़ों के लोग मर्सिया पढ़ते हुए अपने-अपने इमामबाड़ों से ताजिया लेकर जुलूस की शक्ल में रवाना हुए। बढ्ढा स्थित कर्बला पहुंच कर कलाबाजी दिखाई।
सुखपुरा: हजरत इमाम हुसैन व उनके 72 साथियों की अजीम कुर्बानी की याद में लोगों ने ताजिया जुलूस निकाला। जंजीर मातम देख लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। बेरूआरबारी: विभिन्न ग्राम पंचायतों से जुलूस निकाला गया। ताजियादारों को भासपा नेता उपेंद्र सिंह मुकुंडी एवं ब्लाॅक प्रमुख चंद्र भूषण सिंह ने ताजियादारों को अंगवस्त्रम एवं शरबत व मिष्ठान वितरित किया। रेवती: नगर की दो तथा कौलेन पांडेय का टोला की एक ताजिया के आपसी मिलन के बाद बिचला गढ़ स्थित बुढ़वा इमाम चबूतरे के पास से तीन ताजियाओं तथा अखाड़ों का जुलूस नगर भ्रमण के लिए रवाना हुआ। जुलूस में अखाड़ा नं 1 का दुलदुल आकर्षण का केंद्र रहा। जुलूस में जगह जगह युवकों ने लाठीबाजी का कौशल दिखाया।
पुर: क्षेत्र के विभिन्न गांवों से निकले ताजिय के जुलूस का मिलान कराया गया। बांसडीहरोड: क्षेत्र के इस्लामिया कमेटी के तत्वावधान में ताजियेदारों ने करतब दिखाए। दुबहर: उदयपुरा, सवरुबांध, अखार, नगवा, ब्यासी, जनाड़ी, घोरहरा, बसरिकापुर आदि गांवों से जुलूस निकाला गया। ताजिया देर शाम कर्बला पहुंचा, दफन किया गया। नगरा: 28 जगहों पर जुलूस निकाला गया। जुलूस गांवों के विभिन्न मांर्गों से घुमाया गया। नगरा में मोहर्रम सोमवार को मनाया जाएगा।
ताजिया जुलूस में युवक ने किया हंगामा : बलिया। शहर से सटे उमरगंज उमरगंज मोहल्ला से मुहर्रम पर ताजिया जुलूस आबादी से निकलकर मुख्य सड़क पर आ रहा था। उसी दौरान दिमागी चट्टी रेलवे क्राॅसिंग के पास करतब दिखाते हुए एक अधेड़ जख्मी हो गया। वह एक दुकान से दवा ले रहा था। इसी बीच नशे में धुत उसका बेटा पहुंचा और हंगामा करते हुए लोगों पर जुलूस में शामिल लोगों पर हमला कर दिया। जुलूस के दौरान मौजूद पुलिस के जवानों ने उसको काबू में करने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने मामले से अधिकारियों को अवगत कराया। सूचना मिलने पर कोतवाल योगेन्द्र बहादुर फोर्स के साथ पहुंचे और स्थिति को सम्भाला। संवाद
छज्जा बना बाधा, रास्ते में रखा ताजिया : रेवती। एक मकान के छज्जे के कारण नगर के अंसारी मोहल्ला का एक नंबर का ताजिया शनिवार की रात नहीं निकाला जा सका। ताजियेदार मजहर अंसारी के नेतृत्व में निकले ताजिया को बाद में सड़क पर ही छोड़ दिया गया। पुलिस के समझाने-बुझाने पर भी लोग नहीं माने। बाद में पुलिस ने ताजिये को पास स्थित बुढ़वा इमाम चबूतरे पर रखा दिया।
हनुमान मंदिर के पास छज्जा के बाधा बनने से ताजियादार मजहर, रहमतुल्लाह, गुड्डू, शमीम अंसारी आदि ने बताया कि ताजिया निकालने का काफी प्रयास किया गया लेकिन जुलूस आगे नहीं बढ़ सका। लिहाजा ताजिया को वहीं सड़क पर रखना पड़ा। सीओ बैरिया मो. फहीम कुरैशी सहित स्थानीय थाने की पुलिस पूरी रात मौजूद रही। सीओ बैरिया फहीम कुरैशी तहसीलदार बांसडीह नितिन कुमार सिंह और ईओ नौशाद आलम के साथ मौके पर पहुंचे। ताजियेदार मजहर अंसारी, अहमद रजा आदि को समझाने बुझाने के बाद बड़ी ताजिया को उठाने पर सहमति बनी। कमेटी के लोगों ने बुढ़वा इमाम साहब के चबूतरे पर रात को रखी गई ताजिया को लेकर बाजार में पहुंचे। वाणीगढ़ की ताजिया से मिलान के बाद पुनः दोनों ताजिया अपने अपने स्थान पर रवाना हो गए।