रामगढ़। बैरिया तहसील के केहरपुर गांव में शुक्रवार की भोर में शिवजी सिंह का मकान गंगा की लहरों में समा जाने के बाद सांसद आदर्श गांव केहरपुर का नामोनिशान मिट गया। वर्ष 2015-16 में तत्कालीन सांसद भरत सिंह ने केहरपुर गांव को सांसद आदर्श गांव के रूप में गोद लेने की घोषणा की थी। वादा किया गया था कि इस गांव की एक इंच भूमि को कटने नहीं दिया जाएगा। इस गांव के ग्रामीण अनिल ओझा, जयप्रकाश ओझा, विमल ओझा का कहना है कि गलती जनप्रतिनिधियों की नहीं, बल्कि भूल हमारी है, जो हम इनके वादों पर भरोसा कर बैठे। संवाद