जयप्रकाश नगर। संसार टोला गांव में खंभे पर केबल खींचते समय बैरिया थाना क्षेत्र के जयप्रकाश नगर निवासी संविदा लाइनमैन करंट की चपेट में आ गया। आनन फानन में युवक को ग्रामीण प्रभावती देवी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जयप्रकाश नगर ले गए। चिकित्सक के उपलब्ध नहीं होने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनबरसा ले आए। चिकित्सकों ने युवक को मृत घोषित कर दिया। परिजनों में कोहराम मचा है। पिता की तहरीर पर बिजली विभाग जयप्रकाशनगर और मोंटोकार्लो के संचालक पर केस दर्ज किया गया है।
जयप्रकाशनगर में पुरानी लाइन को बदल कर केबल खींचा जा रहा है। जयप्रकाश नगर निवासी सुनील यादव विद्युत उपकेंद्र जयप्रकाश नगर पर संविदाकर्मी के रूप में लाइनमैन के पद पर तैनात था। सोमवार की सुबह संसार टोला गांव में केबल खींच रहा था। उसी दौरान बिजली की सप्लाई खंभे में आ गई।
सुनील करंट के चपेट में आ गया। खंभे से गिरने के बाद ग्रामीणों ने उन्हें प्रभावती देवी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जयप्रकाश नगर पहुंचाया। चिकित्सक के उपलब्ध नहीं होने से घायल का प्राथमिक उपचार तक नहीं हो पाया। परिजन आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनबरसा ले आए, जहां चिकित्सकों ने लाइनमैन को मृत घोषित कर दिया। पुत्र की मौत की सूचना पाते ही मां लक्ष्मीना देवी, पत्नी हेवान्ति देवी व पुत्र पवन, रितिक, पुत्री पूजा रोने बिलखने लगे। इकलौती संतान की मौत की खबर पर पिता सुन्न हो गए। मां चीख-चीख कर रो रही थी।
कार्यदायी संस्था के कहना पर खंभे पर चढ़ा था सुनील
जयप्रकाश नगर। लाइनमैन सुनील यादव की मौत के संबंध में ग्रामीणों ने बताया कि संसार टोला गांव में केबिल खींचने का काम प्राइवेट कंपनी कर रही है। कर्मचारियों के कहने पर लाइनमैन हाईटेंशन के खंभे पर चढ़कर लाइन का कुछ काम कर रहा था। अचानक करंट के जद में आ गया। खंभे से नीचे गिर गया। जयप्रकाश नगर विद्युत उपकेंद्र के अवर अभियंता सुनील पाल ने बताया कि विद्युत उप केंद्र जयप्रकाश नगर पर संविदा के विद्युत कर्मी के रूप में सुनील यादव की तैनाती थी। सोमवार को क्षेत्र में केबल खींच रहे मोंटो कार्लो कंपनी के कर्मचारियों ने केबल जोड़ने के लिए उसे हाईटेंशन के खंभे पर चढ़ा दिया। विद्युत स्पर्शाघात से उसकी मौत हो गई। अवर अभियंता ने बताया कि मोंटी कार्लो कंपनी के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
चिकित्सक होता तो बच सकती थी जान
जयप्रकाश नगर। जयप्रकाश नगर निवासी लाइनमैन सुनील यादव की जान बचाई जा सकती थी। ग्रामीणों के अनुसार प्रभावती देवी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर कोई चिकित्सक उपलब्ध होता तो सुनील का प्राथमिक उपचार हो जाता। मुख्यमंत्री के आने के बाद अस्पताल के दिन बहुरने की उम्मीद जगी थी। अस्पताल की हालत अब भी वैसी ही है। अगर यहां चिकित्सक होता तो जान बचाई जा सकती थी।
जयप्रकाशनगर में लाइनमैन सुनील यादव की मौत के लिए मोंटोकार्लो कंपनी के कर्मचारी जिम्मेदार हैं। बिना शटडाउन लिए उसे खंभे पर चढ़ा दिए थे। इसके चलते विद्युत स्पर्शाघात से सुनील यादव की मौत हो गई। मोंटोकार्लो कंपनी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। नियमानुसार मृतक लाइनमैन के परिजनों को सहायता दी जाएगी। - सुनील पाल, अवर अभियंता, बैरिया