बलिया। रसड़ा कोतवाली के परासिया नंबर दो में 3 अक्तूबर 2020 के दिन मां पर पहसुल और चिमटे से हमला करने के मामले में आरोपी को अदालत ने गैर इरादतन हत्या का दोषी पाया।
किचन में खाना बना रही मां की गैर इरादतन हत्या में अपर सत्र न्यायाधीश ज्ञान प्रकाश तिवारी की अदालत ने आरोपी धर्मवीर चौरसिया को दोषी पाया। धर्मवीर चौरसिया को आजीवन कारावास और 10000 के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर 3 माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
वादी मुकदमा पुरुषोत्तम चौरसिया ने कोतवाली रसड़ा में तहरीर दी थी कि 3 अक्टूबर 2020 को सुबह आठ बजे उनका भतीजा धर्मवीर चौरसिया उर्फ पंकज पुत्र श्रीभगवान चौरसिया ने अपनी मां तारा देवी के साथ भूमि विवाद को लेकर किचन में कहासुनी कर रहा था।
विवाद बढ़ने पर पिता श्रीभगवान चौरसिया के सहयोग से उन पर पहसुल और चिमटे से हमला कर दिया। गंभीर हालत में तारा देवी को अस्पताल ले जाया गया। तारा देवी की इलाज दौरान मौत हो गई।
वादी मुकदमा के आवेदन पर रसड़ा में गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ था। विवेचक ने न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया।
इसकी सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश ज्ञान प्रकाश तिवारी की अदालत में चल रही थी। दोनों पक्षों की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों को परखने के बाद न्यायालय ने धर्मवीर चौरसिया पर दोष सिद्ध पाया। आजीवन कारावास और 10000 के अर्थदंड से दंडित किया। दूसरे आरोपी श्रीभगवान चौरसिया को साक्ष्य के अभाव में न्यायालय ने बरी कर दिया।