बलिया। भगवान का शायद यही मंजूर था, मां घर पर बेटियों के स्कूल से आने की राह देखती रह गई और घर के चंद दूरी पर हादसा हो गया। विद्युत निगम के कर्मचारी सतर्क रहते तो इतनी बढ़ी घटना नहीं होती। दो बेटियों के खोने के बाद मां सुनीता सुधबुध खो चुकी हैं। जिला अस्पताल में वह कभी एक तो कभी दूसरी बेटी का शरीर हिला रही थी। उन्हें उम्मीद थी कि शायद शरीर के अंदर सांस हो। लेकिन ईश्वर को कुछ और ही मंजूर था।
बुधवार की दोपहर बाद सुनीता जीराबस्ती नईबस्ती स्थित मकान पर अपनी बेटी अल्का व आंचल के आने की राह ताक रही थी। उन्हें क्या पता घर से चंद कदम दूरी पर बेटियों के लिए टूटा तार मौत बनकर खड़ा है। स्कूल से बस से उतरने के बाद दोनों बहनें सड़कों पर हुए जलभराव के बीच से अपने घर की तरफ जा रही थी। इसी बीच पानी के बीच टूट कर गिरे तार की चपेट में दोनों बहनें आ गईं। जर्जर तार टूटने से हादसे हो रहे हैं लेकिन जिम्मेदार ठोस पहल नहीं कर रहे हैं। हर साल जर्जर तार व पोल बदलने के नाम पर धन की बंदरबांट की जाती है।
मिलनसार थीं दोनों बच्चियां
आसपास के लोगों ने बताया कि दोनों बच्चियां काफी मिलनसार थी। रेखा ने बताया कि बच्चियों का चेहरा अभी भी आंख के सामने है। विश्वास नहीं हो रहा कि दोनों हम सबके बीच नहीं हैं। दुकानदार विजय कुमार ने बताया कि हमेशा अंकल कहकर बुलाती थीं।
दो माह में चार ने गंवाई जान
-31 अगस्त को हल्दी थाना क्षेत्र के सीताकुंड निवासी अभिषेक प्रसाद हल्दी चट्टी पर मोटरसाइकिल मिस्त्री की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई थी।
-बैरिया के टेंगरही गांव में खंभे पर तार खींचने समय गिरने से आनंद पांडेय की मौत हो गई थी।
- 13 सितंबर को बैरिया थाना क्षेत्र के भवन टोला पूर्वी (जयप्रकाश नगर ) निवासी सुमित कुमार सिंह की मौत हो गई थी।
- 19 सितंबर की भोर में बहुआरा निवासी चंदन तिवारी 20 साल की खंभे में उतरे करंट से मौत हुई थी।
पानी निकासी का होता समाधान तो बच जाती जान
जीराबस्ती व पटखौली की नई बस्तियां जलभराव में डूब गई हैं। पानी निकासी के समाधान के लिए प्रशासन अब प्रयास कर रहा है लेकिन पहले ही इसका हल निकाल लिया गया होता तो इतनी बढ़ी घटना नहीं होती। चार दिन बारिश बीत जाने के बाद भी बस्तियों समेत रोडवेज वर्कशाॅप, डेरी फार्म समेत कई स्कूलों में तीन फीट तक पानी भरा है। पानी निकासी के लिए रास्ते की तलाश की जा रही है।
डीएम ने मांगी रिपोर्ट
जीराबस्ती नई बस्ती में करंट से मौत के मामले को डीएम मंगला प्रसाद सिंह ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने तत्काल विद्युत निगम से रिपोर्ट मांगी है ताकि लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई की जा सके।
विद्युत सुरक्षा निदेशालय करेगा जांच
करंट से दो बच्चियों की मौत की जांच विद्युत सुरक्षा निदेशालय की टीम करेगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट व विद्युत सुरक्षा निदेशालय की रिपोर्ट के बाद मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख का मुआवजा मिलेगा।
जीराबस्ती नई बस्ती में करंट से दो बच्चियों की मौत के मामले की जांच दूसरे विद्युत खंड के एक्सईएन व एसडीओ को सौंपी गई है। रिपोर्ट आने के बाद लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। -ई. लाल सिंह, अधीक्षण अभियंता।