बलिया। ठंड बढ़ने के बाद भी डेंगू का प्रकोप जिले में इन दिनों खूब बढ़ा है। स्वास्थ्य विभाग के जानकारों का मानना है कि ठंड बढ़ने पर मच्छर अपने आप मर जाते हैं। गंभीर बात तो यह है कि न्यूनतम 19 डिग्री पर मच्छर मर जाते हैं लेकिन इस समय 13 डिग्री न्यूनतम तापमान होने के बाद भी मच्छर कम नहीं हो रहे हैं। जिला मुख्यालय से लेकर देहात तक फॉगिंग के इंतजाम बेमतलब साबित हो रहे हैं। इसके कारण आए दिन संभावित डेंगू के मरीज मिल रहे हैं।
स्वास्थ्य और मलेरिया विभाग की बातों पर गौर किया जाए तो देरी से बारिश होने के कारण शहर और देहात के इलाकों के खाली स्थानों पर पानी भरा हुआ है। इसके कारण मच्छर पैदा हो रहे हैं। कोहरा न पड़ने की वजह से मच्छरों को संजीवनी मिल जा रही है। फॉगिंग और एंटी लार्वा के छिड़काव के बाद मरीजों की संख्या जिले में करीब 168 तक पहुंच चुकी है। हर साल जाड़े का मौसम आने के बाद मच्छरों का प्रकोप कम हो जाता था, लेकिन इस बार का हाल दूसरा है।
बारिश देर से होने से डेंगू का प्रकोप बढ़ा
बलिया। मलेरिया अधिकारी सुनील यादव ने बताया कि न्यूनतम तापमान 19 होने पर मच्छर खुद मर जाते हैं, लेकिन देर से बारिश होने के कारण खाली जगहों पर पानी भरा हुआ है। इसकी वजह से पानी में मच्छर पैदा हो रहे हैं। कोहरा अगर पड़ने लगे तो मच्छर मर जाएंगे। इससे बचने के लिए मच्छरदानी का उपयोग करना जरूरी है। इसके लिए लोगों को सावधान रहना होगा।
फॉगिंग की व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
बलिया। शहर में नगरपालिका और नगर पंचायतों के जिम्मे फॉगिंग कराने का कार्य है, जबकि गांवों में ग्राम स्वास्थ्य समिति के खाते से ग्राम प्रधान की फॉगिंग और छिड़काव कराने की जिम्मेदारी है। सच तो यह है कि नगरपालिका बलिया केवल रोस्टर के हिसाब से हर दो वार्डों में फॉगिंग करा रही है। अन्य जगहों पर जैसे-तैसे काम चलाया जा रहा है। बाढ़ग्रस्त इलाकों में अधिकारियों ने दबाव बनाया तो छिड़काव हुआ लेकिन अधिकतर गांवों में छिड़काव नहीं किया जा रहा है। ग्राम पंचायतें कागज में छिड़काव होने की रिपोर्ट भेज कर खानापूर्ति कर दे रही हैं। जिलाधिकारी ने सभी ग्राम पंचायतों को निर्देश दिए गए हैं कि स्वास्थ्य समिति के बजट से छिड़काव कराएं।
नगर पालिका परिषद ईओ सत्य प्रकाश सिंह ने बताया कि फॉगिंग एवं एंटीलार्वा का छिड़काव रोस्टर के मुताबिक कराया जा रहा है। नियमित रूप से वार्डवार रोस्टर एवं टीम बनाकर प्रतिदिन दो वार्डों में फॉगिंग का छिड़काव युद्धस्तर पर कराया जा रहा है।
सही इलाज और खानपान से डेंगू को दी जा सकती है मात
बलिया। जनपद में लगातार मिल रहे डेंगू के मरीजों के कारण लोग सहमे हुए हैं लेकिन सही समय पर जांच, इलाज और सही खान-पान से डेंगू को हराया जा सकता है। इलाज में लापरवाही भारी पड़ सकती है। ऐसे में समय से अस्पताल पहुंचकर उपचार कराने की जरूरत है।
जिला मलेरिया अधिकारी सुनील यादव ने बताया कि डेंगू मच्छरों के काटने से फैलता है। तेज बुखार, जोड़ों में दर्द और प्लेटलेट्स में कमी इसके लक्षण हैं। इसके इलाज में दवा के साथ घर में उपलब्ध तरल खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए। प्रभारी सीएमओ डॉ. विजय यादव ने बताया कि सरकारी अस्पतालों में डेंगू की निशुल्क रैपिड जांच के इंतजाम हैं। वहां जांच कराने पर जो भी लोग पॉजिटिव आते हैं, उनकी एलाइजा जांच कराई जाती है और डेंगू कन्फर्म होने पर निशुल्क इलाज किया जाता है।