बैरिया। ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे लेखपालों की मोटी कमाई का जरिया बन गया है। वरासत और अन्य कागजात के सुधार के लिए किसानों से सुविधा शुल्क के रूप में मोटी रकम मांगने के आरोप लग रहे हैं।
नौका गांव के प्रधान प्रतिनिधि रवि प्रताप सिंह सहित कई किसानों ने आरोप लगाया कि जो वरासत लेखपाल अब तक 500 से 1000 रुपये लेकर कर देते थे, अब उसके लिए 15 से 20 हजार रुपये मांगने लगे हैं।
इसी तरह अन्य कागजातों में सुधार के लिए भी मनमानी धनराशि मांग रहे हैं। किसानों ने बताया कि वह कह रहे हैं कि आपको हमारे लिख-पढ़ देने मात्र से ही मोटी रकम मिल जाएगी। हम लोग मुफ्त में कार्य क्यों करें। किसान अपने कार्यों के लिए दर-दर भटक रहे हैं। इस संदर्भ में शनिवार को रविप्रताप सिंह ने उप जिलाधिकारी बैरिया आत्रेय मिश्र से शिकायत भी की थी लेकिन लेखपालों के आचरण में कोई सुधार नहीं दिख रहा है। इस बाबत बैरिया के तहसीलदार संजय सिंह ने बताया कि अगर लेखपाल इस तरह का आचरण कर रहे हैं तो यह मामला गंभीर है। संबंधित किसान हमारे यहां प्रस्तुत होकर लिखित शिकायत करें। जांच में आरोप सही पाए गए तो संबंधित लेखपाल के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।