सिकंदरपुर। सलेमपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद रमाशंकर राजभर ‘विद्यार्थी’ ने लोकसभा में वस्त्र, हथकरघा, हस्तशिल्प और बुनकर समुदाय से जुड़े अहम मुद्दों को मजबूती से उठाया। उन्होंने केंद्र सरकार से क्षेत्र के सतत विकास के लिए संचालित योजनाओं और भविष्य की कार्ययोजनाओं की विस्तृत जानकारी मांगी।
सांसद ने अपने प्रश्न में हथकरघा और हस्तशिल्प कारीगरों को आधुनिक तकनीक, डिजाइन नवाचार, विपणन सहायता और कौशल विकास से जोड़ने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। साथ ही उत्तर प्रदेश के पारंपरिक वस्त्र क्षेत्रों, विशेष रूप से बलिया और देवरिया में प्रशिक्षण एवं तकनीकी सहायता केंद्रों की स्थापना को लेकर भी सवाल उठाया।
इस पर वस्त्र राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने सदन को अवगत कराया कि केंद्र सरकार पीएम मित्र पार्क, पीएलआई योजना, राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन, सिल्क समग्र-2 और ‘समर्थ’ योजना के जरिये वस्त्र क्षेत्र के समग्र विकास के लिए कार्य कर रही है। हथकरघा और हस्तशिल्प क्षेत्र के उत्थान के लिए राष्ट्रीय हथकरघा विकास कार्यक्रम, आरएमएसएस तथा क्लस्टर आधारित योजनाएं भी लागू की जा रही हैं।
सरकार की ओर से यह भी बताया गया कि उत्तर प्रदेश में आईआईएचटी वाराणसी तथा मेरठ स्थित बुनकर सेवा केंद्रों के माध्यम से कारीगरों को तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। वहीं ‘समर्थ’ योजना के अंतर्गत प्रदेश में अब तक 1.10 लाख से अधिक लाभार्थियों को कौशल प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
सांसद के मीडिया प्रभारी जितेश कुमार वर्मा ने बताया कि यह प्रश्न बुनकरों, कारीगरों और वस्त्र क्षेत्र से जुड़े युवाओं के रोजगार और भविष्य को ध्यान में रखकर उठाया गया है। सांसद लगातार पारंपरिक उद्योगों को सशक्त कर स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए सक्रिय प्रयास कर रहे हैं।