बलिया। सड़क सुरक्षा के नियमों की अनदेखी जीवन पर भारी पड़ रही है। यातायात नियमों का पालन करने के लिए यातायात व परिवहन विभाग लोगों को जागरूक कर रहा है। लेकिन इसका असर सड़क पर नहीं दिख रहा है। हाल यह है कि नियम तोड़ने पर प्रतिदिन तीन सौ से ज्यादा लोगों का ई-चालान कर रहा है।
लोगों की लापरवाही से जनवरी से अब तक 190 से अधिक मौत हो चुकी है। सड़कों पर प्रशासनिक लापरवाही से अनफिट वाहन फर्राटा भर रहे हैं। दुर्घटना होने पर कार्रवाई के नाम पर जिम्मेदार खानापूर्ति करते हैं। सड़कों पर उसका असर दिखाई नहीं पड़ता है। प्रशासनिक लापरवाही व यातायात सुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे अभियानों पर भी प्रश्न चिह्न लगा है। स्कूल-कालेजों की छुट्टी होने के बाद नियमों की अनदेखी में युवाओं की संख्या सबसे ज्यादा रहती है। खुद जागरूक होकर भी सड़क दुर्घटना कम किया जा सकता है।
यातायात नियमों की लापरवाही के कारण एक सप्ताह में तीन दोस्त सहित सात लोगों की असमय मौत हो चुकी है। रोज सड़के लाल हो रही है। कहने को जिले में 42 ब्लैक स्पाॅट है, लेकिन जिम्मेदारों द्वारा सुरक्षा के उपाय कई माह बाद भी नहीं किए गए हैं। शहर से सटे खोरीपाकड़ प्राइवेट वाहन स्टैंड से बक्सर, भरौली, बैरिया, सिकंदरपुर मार्ग पर अनफिट टैक्सी व जीप खुलेआम चल रही है। मानक से अधिक सवारियों को बैठाते हैं। शिकायतों के बावजूद इनपर कार्रवाई नहीं होती है। पुलिस प्रति रोज 300 से 400 वाहनों का ई-चालान काट रही है, लेकिन तुरंत पैसा जमा न करने के कारण लोग चालान को लेकर लापरवाह बने हैं। इनकी यह लापरवाही दुर्घटना होने के बाद भारी पड़ती है।