पूर क्षेत्र में आंधी बारिश में गिरी गेहूं की खड़ी फसल।संवाद
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बलिया। अप्रैल में मानसून जैसा मौसम बना हुआ है। 15 दिन में चौथी बार बारिश हुई। खेतों में अब भी 70% गेहूं की फसल पड़ी है। कहीं पर काटकर छोड़ी गई है, कहीं पर मड़ाई नहीं हुई है। जिले में बुधवार को मौसम के अचानक बदले मिजाज ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
बुधवार भोर से ही आसमान में काले बादलों के साथ तेज हवा और रुक-रुककर बूंदाबांदी का सिलसिला शुरू हो गया, जो दोपहर तक जारी रहा। हालांकि दोपहर के बाद कुछ समय के लिए धूप जरूर निकली, लेकिन आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रही। इस बेमौसम बदलाव के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे वातावरण में ठंडक का अहसास होने लगा है। स्थिति यह रही कि अधिकतम और न्यूनतम तापमान के बीच महज पांच डिग्री सेल्सियस का अंतर रह गया। जहां मंगलवार को अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम 19.5 डिग्री था, वहीं बुधवार को अधिकतम पारा गिरकर 27 डिग्री और न्यूनतम 22.5 डिग्री सेल्सियस पर सिमट गया।
मौसम के इस रुख ने सबसे ज्यादा चोट खेती-किसानी पर पहुंचाई है। वर्तमान में गेहूं की फसल पककर तैयार है और कटाई का काम जोरों पर चल रहा था, लेकिन बारिश और नमी की वजह से कटाई और थ्रेसिंग का कार्य पूरी तरह रुक गया है। किसानों को सबसे ज्यादा डर खेतों में खड़ी फसल के गिरने और दानों के खराब होने का है। तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर फसल जमीन पर बिछ गई है।