मानदेय भुगतान की मांग को लेकर सीएमओ का घेराव करते संविदाकर्मी।
- फोटो : अमर उजाला
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत ब्लाक प्रोग्राम मैनेजर तथा डाटा आपरेटरों ने एक साल के बकाए मानदेय को लेकर शुक्रवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी का उनके आवास पर घेराव किया। घंटाभर वार्ता के बाद सीएमओ ने उन्हें बकाया दिलाए जाने का आश्वासन दिया। एनएचएम के लिए संविदा पर ब्लाक प्रोग्राम मैनेजर तथा डाटा आपरेटर के पदों पर करीब 34 लोगों की तैनाती ब्लाक स्तर पर की गई थी। इनसे करीब एक साल तक काम कराया गया। पिछले 11 माह से मानदेय बजट उपलब्ध रहने के बाद भी उनका भुगतान नहीं किया गया। इसके लिए संविदा कर्मियों ने जिलाधिकारी के पास शिकायत की तो उन्होंने संविदा पर नियुक्त करने वाली एजेंसी को ब्लैक लिस्टेड करने के साथ ही संविदा स्वास्थ्यकर्मियों का भुगतान जिला स्वास्थ्य समिति के माध्यम से कराने के लिए सीएमओ को दे दिया। इसके बाद भी सीएमओ द्वारा भुगतान नहीं किया जा रहा था। जिस पर उन्होंने सीएमओ को घेराव किया। उनका आरोप था कि जिला स्वास्थ्य समिति के निर्देश पर चार जनवरी को उनका स्क्रीनिंग भी कराया जा चुका है। जबकि सीएमओ ने खुद मिशन के निदेशक को पत्र लिखकर कहा गया है कि उक्त कर्मियों से सीधे कार्य लिया जा रहा है।
जिला स्वास्थ्य समिति के निर्देशों के अनुपालन में उक्त कर्मियों का मानदेय की भुगतान की प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है। इसके बाद भी सीएमओ द्वारा मानदेय का भुगतान नहीं किए जाने पर डीएम 27 जनवरी को तत्काल भुगतान कर सूचित करने का निर्देश दे दिया। इसके बाद भी भुगतान नहीं होने पर संविदा कर्मी बिफर पड़े। उन्होंने चेताया कि अगर उनके मानदेय का भुगतान नहीं किया गया तो वे तालाबंदी, धरना-प्रदर्शन तथा आमरण अनशन और आत्मदाह तक करने को विवश होंगे। इस मौके पर अफजल अहमद, अभिषेक सिंह, आशुतोष सिंह, दिलीप कुमार शुक्ला, समीता सिन्हा, मिथिलेश कुमार, सोमनाथ यादव, धर्मेंद्र सिंह सहित दर्जनों लोग मौजूद रहे।