नगरा। ब्लॉक के डवाकरा हॉल में बुधवार को हुई प्रधानों, सचिवों, रोजगार सेवकों की बैठक आयोजित की गई। इसमें कोरोना महामारी से उत्पन्न संकट की घड़ी में मनरेगा योजना के तहत अधिक से अधिक कार्य दिवस सृजित करने पर बल दिया गया।
जनपद के संयुक्त मजिस्ट्रेट, कोरोना के नोडल अधिकारी व डीसी मनरेगा विपिन जैन ने कहा कि मनरेगा व्यक्ति को रोजगार की गारंटी देने वाली योजना है। इस समय प्रतिदिन अन्य प्रांतों से 3 हजार से अधिक प्रवासी श्रमिक जिले में पहुंच रहे हैं जिसमें अधिकांश जिले के ही हैं। कोरोना महामारी के चलते सभी के समक्ष रोजगार की समस्या उत्पन्न हो गई है। इस संकट की घड़ी में मनरेगा ही एक ऐसा सशक्त माध्यम है जिससे अधिक से अधिक लोगों को रोजगार दिया जा सकता है। कहा कि हमारा लक्ष्य एक कार्य पर 40 से 50 मजदूरों को रोजगार कराने का होना चाहिए। इसके लिए गांवों में चकबंध, नाले की खोदाई, पुराने पोखरे, गड़ही की खोदाई कराई जा सकती है। मनरेगा से 15 मई से 30 जून तक अधिक से अधिक लोगों को कार्य उपलब्ध कराया जाए। कहा कि व्यवहारिकता के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वालों पर प्राथमिकी भी दर्ज कराई जाएगी। कहा कि बाहर से आने वालों को होम क्वारंटीन करने की जिम्मेदारी निगरानी समितियों के कंधे पर है। समितियों का यह भी दायित्व है कि क्वारंटीन व्यक्ति बाहर न घूमने पाए। बैठक में नायब तहसीलदार शैलेश कुमार, एडीओ ब्रम्हदेव पाल, प्रमोद पांडेय, मनोज कुमार सिंह, अविनाश कुमार, अश्वनी कुमार पांडेय, राजेश यादव आदि रहे। अध्यक्षता बीडीओ राम आशीष ने की।
बैठक में शारीरिक दूरी के नियमों की धज्जियां उड़ीं
नगरा। डवाकरा हॉल में बुधवार को हुई प्रधानों, रोजगार सेवकों, सचिवों की बैठक में शारीरिक दूरी के नियमों की जम कर धज्जियां उड़ीं। संख्या के हिसाब से डवाकरा हॉल छोटा पड गया था। लोग एक दूसरे से सटी कुर्सियों पर बैठे थे। बैठक में कुछ लोग बगैर मॉस्क के ही पहुंचे थे जिन्हें आनन फानन में मॉस्क उपलब्ध कराया गया।