प्रदेश के कैबिनेट मंत्री नारद राय भले ही यह कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं कि नगर पालिका परिषद में अध्यक्ष प्रतिनिधि पर हुए हमले के दिन मेरा पुत्र उसके एक किलोमीटर के दायरे में भी मौजूद नहीं था, लेकिन सच तो यह है कि उनका पुत्र नरेंद्र राय उस दिन वही आसपास था और फोन द्वारा मामले को हवा दे रहा था। यह बातें फेफना विधायक उपेंद्र तिवारी ने शुक्रवार को भाजपा कार्यालय पर प्रेसवार्ता के दौरान कहीं।
उन्होंने कहा कि बलिया बंद के दौरान निकले जुलूस में मंत्री के शह पर उन्हें ही निशाना बनाया गया था, लेकिन निशाना चूक गया और गोली राकेश चौबे भोला को लग गई। कहा कि मंत्री नारद राय भले ही सफाई दें कि टेंडर से उनके पुत्र का कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन सच तो यह है कि उनके ही लोग चारों तरफ ठेका लिए हुए हैं।
कहा कि एक तरफ नारद राय लक्ष्मण को अपने छोटे भाई के समान बता रहे हैं। ऐसे में कौन सी ऐसी नौबत आ गई कि उनके बेटे को चाचा समान नगर पालिका परिषद अध्यक्ष के प्रतिनिधि को पीटना पड़ा।उन्होंने कहा कि मंत्री नारद राय और उनके पुत्र पराकाष्ठा पार कर चुके हैं।
मंत्री तथा उनके बेटे के कार्यों की सीबीआई जांच होनी चाहिए। इस मौके पर जिलाध्यक्ष देवेंद्र यादव, दयाशंकर सिंह, केतकी सिंह तथा रामइकबाल सिंह आदि मौजूद रहे।