बैरिया। सरकार के तमाम प्रयासों के बाद भी अधिकारी गेहूं क्रय को लेकर गंभीर नहीं हैं। क्षेत्र के बड़ी संख्या में किसानों ने डेढ़ माह पहले गेहूं बेचने के लिए पंजीकरण कराया। इसके बाद तहसील पहुंचे तो बताया गया कि एसडीएम के पोर्टल पर उनका पंजीकरण नहीं नजर आ रहा है। किसान तहसील से लेकर डिप्टी आरएमओ कार्यालय तक का चक्कर लगाते रहे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। थककर किसानों ने बाजार में औने-पौने दाम में गेहूं बेच दिया तो अब उनके पास पंजीकरण सत्यापन का मेसेज आ रहा है कि अपने क्रय केंद्र पर जाकर टोकन प्राप्त कर लें।
दुर्जनपुर निवासी सुधांशु तिवारी ने बताया कि उनके पिता रामाशीष तिवारी के नाम से गेहूं विक्रय के लिए आनलाइन आवेदन किया गया था। पंजीकरण संख्या 1930177264 बताया गया। जब वे पंजीकरण संख्या के आधार तहसील पहुंचे तो वहां कहा गया कि पंजीकरण शो नहीं कर रहा है। वे शिकायत लेकर डिप्टी आरएमओ कार्यालय गए तो कहा गया कि जब तक तहसील से सत्यापन नहीं होगा, हम कुछ नहीं कर सकते।
हम कई दिन तक दौड़ लगाते रहे और जब कहीं सुनवाई नहीं हुई तो मजबूरी में अपना गेहूं बजार में बेच दिया। शुक्रवार को मोबाइल पर मैसेज आया है। इसमें लिखा है कि प्रिय बंधु आपका पंजीकरण सत्यापित हो गया है। कृपया निकटतम गेहूं क्रय केंद्र प्रभारी से टोकन प्राप्त करें। https://nfsa.up.gov.in/token.aspx लिंक से क्रय केंद्र व केंद्र प्रभारी का मोबाइल नंबर देखें। उसने बताया कि वह अकेला किसान नहीं है, जिसके पास इस तरह का मेसेज आया है। क्षेत्र के सैकड़ो किसानों के पास आज ये मैसेज आ रहा है, जबकि वे अपना गेहूं बेच चुके हैं। इस बाबत मार्केटिंग इंस्पेक्टर प्रदीप जायसवाल से बात की गई तो उन्होंने कहा कि सत्यापन का कार्य राजस्व विभाग का है। हम इस मामले में कुछ भी नहीं बता सकते।
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एसडीएम के छापे में मिला था एक हजार कुंतल गेहूं
बैरिया। क्षेत्र के गंगापुर ग्राम पंचायत अंतर्गत साधन सहकारी समिति हनुमानगंज-मानगढ़ में तत्कालीन एसडीएम ने बीत चार मई को छापा मारा था तो केंद्र के खुलने से पहले ही वहां लगभग एक हजार कुंतल गेहूं बरामद हुआ था। तब उन्होंने केंद्र प्रभारी समेत अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का आदेश दिया था। उसी विकास खंड में जहां क्रय केंद्र खुलने से पहले ही गोदाम भर दिए गए, अब किसानों को टोकन लेने के लिए मेसेज आ रहा है।