ददरी मेला के ऐतिहासिक मीना बाजार को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। कार्तिक पूर्णिमा के स्नान के साथ ही इसकी शुरूआत होगी लेकिन अभी तक मेले का रास्ता न बनने से दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। मेले के आकर्षण को लेकर भूमि आवंटन हो चुका है और तैयारियां शुरू हो गई हैं। अव्यवस्था के बीच आवंटित भूमि पर सामान पहुंच चुका है और उसकी सुरक्षा की चिंता आम जन को सता रही है।
कार्तिक पूर्णिमा के दिन से शुरू होने वाले ऐतिहासिक ददरी मेले का मीना बाजार तैयार होने लगा है। सर्कस, झूला एवं अन्य आइटमों के खंभे खड़े हो गए है। प्रशासन अधिकारी मेले को बेहतर तरीके से बसाने की अपनी योजना को मूर्त रूप देने में बुधवार को भी लगे हुए थे। दोनों साइड की भूमि दुकानदारों को दे दी गई है। बीच की भूमि के आवंटन के लिए माथापच्ची हो रहा था। 15 नवंबर से मीना बाजार मेले की शुरुआत होगी।
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भूमि आवंटन के बाद दिन रात लगे हुए है। व्यापारियों का सामान ट्रकों आदि से मेले में गिर रहा है। हल्की ठंड के बीच दुकानदार अपनी दुकानों के तंबू आदि खड़े करने में लगे है। मेले के अंदर रास्ते का निर्माण नहीं होने से व्यापारियों को अपनी सामान लाने में दिक्कत आ रही है। कुछ व्यापारी को पुरानी जगह नहीं मिलने के कारण परेशान दिखे। इसको लेकर वे प्रशासनिक कर्मचारियों का चक्कर काट रहे है।
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जिन्हें मन पसंद जगह मिल गई है वे अपना आशियाना खड़ा करने में लग गए है। दिन में दुकानदार अपनी दुकानों को व्यवस्थित करने में लग गए है। ये दुकानदार हर हाल में कार्तिक पूर्णिमा के दिन शुरू होने वाले मेले में आने वाली भीड़ को देखते हुए तैयारी में लगे है। मेले में अभी तक जमीन नहीं मिलने से कई दुकानदार इधर-उधर भटक रहे है।
सामान की निगरानी चुनौती
मेले में उतर रहे व्यापारियों को अपनी सामान की चिंता है। खुले आसमान के नीचे उनका सामान असुरक्षित पड़ा हुआ है। इधर पुलिस भी व्यापारियों की सामान को लेकर चिंतित है। दिन रात जवान व्यापारियों के सामान की सुरक्षा कर रहे है।