काली मंदिर के 100 मीटर के दायरे के अंदर खुली मीट की दुकान।
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नगर क्षेत्र में खुले आम बिना लाइसेंस की मीट-मुर्गा की दुकानें संचालित की जा रहीं। प्रदेश सरकार के फरमान की खुले आम धज्जियां उड़ाते दुकानदार लाइसेंस लेकर धंधा करने का दावा कर रहे जबकि नगर पालिका का कहना है कि अभी तक पालिका ने उन्हें लाइसेंस दिया ही नहीं।
प्रदेश में भाजपा की सरकार बनते ही स्लॉटर हाउस एवं मीट-मुर्गा की दुकानों को तत्काल बंद करने का फरमान जारी करते हुए लाइसेंस लेने के लिए गाइड लाइन जारी की गई थी। पुलिस ने सख्ती के साथ स्लॉटर हाउस एवं मीट-मुर्गा की दुकानों को बंद करवा दिया था। लेकिन किसी भी दुकानदार ने आज तक नगर पालिका से लाइसेंस प्राप्त नहीं किया। बल्कि नगर पालिका से लाइसेंस प्राप्त करने का हवाला देते हुए दुकानों को एक-एक कर खोल दिया। नगर में 50 से 70 के बीच दुकानें संचालित की जा रहीं।
यह दुकानें धार्मिक स्थान के पास संचालित हो रही है। जबकि गाइड लाइन के मुताबिक किसी भी धार्मिक स्थान से 100 मीटर की दूरी पर इन्हें होना चाहिए। नगर के विष्णु धर्मशाला रोड स्थित काली मंदिर, गड़वार रोड कटहलनाला के पास स्थित हनुमान मंदिर, मिड्ढा बाजार स्थित शिव मंदिर से महज 40 से 50 मीटर की दूरी पर दुकानें चल रही है। बावजूद जिला प्रशासन, पुलिस महकमा व नगर पालिका के अधिकारी उदासीन बने हैंँ।
नपा ईओ डीके विश्वकर्मा ने बताया कि किसी भी मीट-मुर्गा के दुकानदारों ने लाइसेेेेेेेेेंस नहीं लिया है। अगर वे लाइसेंस लेने की बात कह रहे है तो फर्जी है। कहा कि इनके विरूद्ध शीघ्र कार्रवाई की जाएगी। अप्रैल 2018 से नगर में एक भी दुकान बिना लाइसेंस की नहीं चलेगी।