जिले के दो नगर पालिका एवं आठ नगर पंचायत के अध्यक्ष पद के लिए गुरुवार की देरशाम राज्य निर्वाचय आयोग ने आरक्षण व्यवस्था जारी कर दी। ऐसे में नगर पालिका अध्यक्ष तथा नगर पंचायतों के अध्यक्ष के पद पर चल रही तैयारी और तमाम अटकलों पर शुक्रवार को विराम लग गया। अब नए आरक्षण व्यवस्था के मुताबिक नगर पालिका एवं नगर पंचायतों में तैयारियां भी तेज हो गई हैं। उम्मीद के विपरीत नगर पालिका तथा नगर पंचायतों में आरक्षण होने से कई बड़े दिग्गज हतप्रभ हैं।
जिले की दो नगर पालिका एवं आठ नगर पंचायतों के अध्यक्ष पद के लिए लोग अपने-अपने हिसाब से जातीय समीकरण के आधार पर आरक्षण की गणित बैठा रहे थे। लेकिन, इन अटकलों पर उस समय विराम लग गया, जब राज्य निर्वाचन आयोग ने गुरुवार की देरशाम जिले के सभी नगर पालिका और नगर पंचायत अध्यक्ष पदों के लिए आरक्षण की सूची जारी कर दी। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी सूची के मुताबिक नगर पालिका परिषद बलिया के अध्यक्ष पद अनारक्षित रखा गया है। जबकि, रसड़ा नगर पालिका के अध्यक्ष पद को पिछड़ी महिला के लिए आरक्षित किया गया था।
इसी प्रकार चितबड़ागांव नगर पंचायत अनारक्षित है। वहीं बैरिया, सहतवार, रेवती, बांसडीह, के अध्यक्ष पद महिला उम्मीदवार के लिए आरक्षित होगा। उधर, मनियर, सिकंदरपुर और बेल्थरारोड के नगर पंचायत अध्यक्ष पद को पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित है। आरक्षण की व्यवस्था जारी होने के बाद राजनीतिक समीकरण की बिसात बिछाने वाले वाले एक बार फिर से अपनी गणित बिठानी शुरू कर दी है। नगर पालिका बलिया में पिछड़ी सीट मानकर काफी लोगों ने तैयारी की थी।
लेकिन गुरुवार को इसकी सूची जारी होते ही अटकलों पर विराम लग गया। अब कई जगहों पर नगर पालिका के आरक्षण कोटे में अध्यक्ष रहने वाले उम्मीदवारों को अनारक्षित होने के बाद जीत के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ेगी।