बलिया। विधानसभा चुनाव में बीएलओ की गलती से भी कई लोगों को मतदान से वंचित होना पड़ा। फेफना, बैरिया और बांसडीह विधानसभा में मतदाता सूची में नाम नहीं होने से लोगों को मतदान से वंचित रहना पड़ा। मतदान से वंचित रहने के कारण मतदाता प्रशासन के खिलाफ इसे लेकर आक्रोशित दिखे।
फेफना विधानसभा में सैकड़ों मतदाता वोट डालने से वंचित रह गए। मतदाता सूची में नाम ही नहीं पाया। कपूरी ग्राम के नवीन, कुसुमकली, चेरुइयां ग्राम में जीरा देवी, मीना, सागरपाली में श्रवण सिंह, प्रेमचंद, सत्येंद्र, फेफना में रीता तथा काजल, थमह्नपुरा में श्वेता, अर्पणा, इन्दरपुर में चंदा, रुचि, उषा, अंकित व रत्नेश जैसे मतदाता वोटर सूची की गड़बड़ी के कारण मतदान नहीं कर सके। इंदरपुर के ग्राम प्रधान मुन्ना राय व थमह्नपुरा के पूर्व ग्राम प्रधान संजय दुबे, सागरपाली के दाऊजी सिंह ने इस गड़बड़ी का आरोप सम्बंधित बीएलओ के ऊपर लगाया। बांसडीह विधानसभा के सूर्यपुरा, और सुखपुरा में भी ये समस्या देखने को मिली। सूर्यपुरा के ग्रामीणों ने बताया कि मृतक लोगों का नाम सूची में छोड़ दिया गया है। जिंदा लोगों का नाम काट दिया गया है। कई लोगों का नाम मतदाता सूची से गायब है।
बैरिया में निर्वाचन आयोग के शख्त निर्देश के बावजूद 50 प्रतिशत घरों में मतदाता पर्ची नहीं पहुंची। फलस्वरूप मतदाताओं को मतदान करने में असुविधा झेलनी पड़ी। बैरिया, रानीगंज, तालिबपुर, करमानपुर, गोन्हियाछपरा, इब्राहिमाबाद सहित कई गांवों में सबके पास मतदाता पर्ची नहीं पहुंच पाई थी। ऐसे लोगों का कहना है कि तहसील के अधिकारियों से शिकायत के बावजूद मतदाता पर्ची हम लोगों के पास नहीं पहुंची। मतदाता सूची में नाम नहीं होने से भी कई मतदान से वंचित रहे। उन्हें मतदान करने का अवसर नही प्राप्त हुआ। जयप्रकाश नगर के प्रीतम छपरा गांव निवासी सुरेश गिरी मतदान करने के लिए अपने पर्ची के लिए भटकते रहे। पर्ची नहीं मिलने से मतदान से वंचित हो गए।
बेल्थरारोड, रसड़ा और सिंकदरपुर विधानसभा में भी ऐसी समस्याएं देखी गईं। मनियर में कुछ मतदाताओं का वोटर लिस्ट में नाम नहीं होने के चलते बूथों से लौटना पड़ा। वोट न देकर लौटने वाले मतदाताओं में भारी रोष दिखा। बैरिया विधानसभा बहुतेरे मतदाताओं का नाम ओटर लिस्ट से कट गया था। मतदाता मायूस होकर चले गए। कई मतदाताओं ने बताया कि मैं अभी जिंदा हूं। मतदाता सूची में मुझे मृत घोषित कर दिया गया है। सेक्टर मजिस्ट्रेट लालजी यादव ने बताया कि चुनाव आयोग द्वारा फार्म सात की कोई व्यवस्था नहीं दी गई है। रेवती नगर पंचायत के विभिन्न वार्डों में लोग सूची में नाम नहीं अंकित होने से नाराज दिखे। गत चुनाव में उन्होंने मतदान में बढ़-चढ़कर भाग लिया था, लेकिन इस चुनाव में सूची में नाम नहीं होने से उनके चेहरे पर मायूसी दिखी। नसीराबाद गांव के नवनिर्वाचित क्षेत्र पंचायत सदस्य मातादीन शर्मा अपना वोटर लिस्ट में नाम न होने के कारण अपने मत का प्रयोग नहीं कर पाए।