संबोधित करते चौकीदार संघ के जिलाध्यक्ष शारदानंद
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ग्रामीण चौकीदार अधिकार मोर्चा उप्र के बैनर तले जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों के चौकीदारों ने कलेक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। जिले के चौकीदारों ने कहा कि सरकार उनके मांगों को हमेशा नजर अंदाज करती रही है। एक बार तत्कालीन मुख्यमंत्री ने 1500 रुपये मासिक मजूदरी देने की घोषणा की थी।
मोर्चा के जिलाध्यक्ष शारदानंद पासवान ने कहा कि हम 1857 से चौकीदार के रुप में कार्य कर रहे है। लेकिन आज भी हमें 1500 रुपये से अधिक मजदूरी नहीं दी गई। जबकि मजदूरों की एक दिन की मजदूरी 350 रुपये कर दी गई है। जो वेतन मिल रहा है उसमें न तो बच्चों की पढ़ाई हो सकती है और न ही दवाई। ऐसे में सरकार के दावे पूरी तरह से खोखला साबित हो रहे है।
कहा कि कई बार धरना-प्रदर्शन कर जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन भी मुख्यमंत्री के नाम से भेजा गया। लेकिन अब भी पहले जैसी स्थिति बरकरार है। सन 2011 में लखनऊ के झूलेलाल पार्क में धरना दिया गया। उसके बाद सरकार ने साइकल और 500 रुपये की बढ़ोत्तरी की। सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह ने वादा किया था कि चौकीदारों को चतुर्थ श्रेणी का दर्जा मिल जाएगा। लेकिन उन्हें आज तक उनका हक नहीं दिया गया। सरकार कब उन्हें चतुर्थ श्रेणी का दर्जा दिलाती है और उनका न्यूनतम वेतन 15 हजार करती है। कहा कि मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा।
इस मौके पर रंजन कुमार भारती, दिनेश पासवान, अशोक कुमार खरवार, महेश प्रसाद, चंद्रमा प्रसाद, रामजी आदि मौजूद रहे।