बलिया। श्रीमुरली मनोहर टाउन स्नातकोत्तर महाविद्यालय में करीब 23 वर्ष पुराने 21.7 लाख रुपये के गबन के मामले में आरोपी और फरार चल रहे टाउन एजुकेशनल सोसायटी के सचिव व श्रीमुरली मनोहर टाउन स्नातकोत्तर महाविद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष राकेश श्रीवास्तव ने सोमवार को सीजेएम शांभवी यादव की अदालत में आत्मसमर्पण किया। इसके उपरांत उनके अधिवक्ता ने कोर्ट में जमानत के प्रार्थना पत्र दिया, जिसे कोर्ट ने खारिज करते हुए आरोपी को जेल भेज दिया। इसके पूर्व लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी के खिलाफ कोर्ट ने बीते एक मार्च को कुर्की का आदेश जारी किया था।
बताया जाता है कि शहर के मिड्ढी मोहल्ला निवासी व टीडी कॉलेज प्रबंध समिति के तत्कालीन सचिव श्री प्रकाश सिंह ने 13 जनवरी 2001 को पुलिस अधीक्षक को पत्र देकर टीडी कॉलेज पर आरोप लगाया था कि टीडी कॉलेज के प्रबंध समिति के अध्यक्ष राकेश श्रीवास्तव ने तत्कालीन प्राचार्य व रीडर राधामोहन के साथ मिलकर कॉलेज फंड का करीब 21 लाख 70 हजार रुपये का गबन किया है। मामले में एसपी के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस के मुताबिक विवेचना दो अन्य लोग राजागांव खरौनी निवासी जितेंद्र तथा शहर के गांधी नगर निवासी शरद चंद की संलिप्तता उजागर हुई थी। जिनका नाम जोड़ा गया था। हालांकि मुकदमे के विचारण के दौरान ही एक आरोपी राधामोहन का निधन हो गया। जबकि तीन आरोपी पुलिस ही गिरफ्त से दूर थे। इनके खिलाफ अदालत ने कुर्की की कार्रवाई के लिए बीते एक मार्च को आदेश जारी किया था, जिसके बाद सोमवार को एक आरोपी राकेश श्रीवास्तव ने सीजेएम कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया।
उधर, टाउन एजुकेशनल सोसायटी के सचिव व श्री मुरली मनोहर टाउन स्नातकोत्तर महाविद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष के ऊपर लगे गबन के आरोप को लखनऊ विश्वविद्यालय छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष व सचिव के छोटे भाई रमेश श्रीवास्तव ने एक साजिश बताया है। उन्होंने कहा कि जिस धन को गबन कहा जा रहा है उसका भुगतान चेक से हुआ है और फर्मों व एजेंसियों को उनके नाम से किया गया है। उन्होंने बताया कि श्रीप्रकाश सिंह नाम के व्यक्ति को मोहरा बनाकर कुछ लोग एक प्रतिष्ठित महाविद्यालय की छवि धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं। उनकी योजना सफल नहीं होने दी जाएगी। हमें अदालत पर पूर्ण विश्वास है, यहां गबन के षड्यंत्र का पर्दाफाश हो जाएगा।