सुखपुरा। कस्बे में मंगलवार को परंपरा, आस्था और उत्साह का प्रतीक ऐतिहासिक महावीरी झंडा जुलूस धूमधाम के साथ निकाला गया। जंगे आजादी से जुड़ा जुलूस अब आस्था का प्रतीक बन गया है। जुलूस में आकर्षक धार्मिक एवं सांस्कृतिक झांकियां, भगवान हनुमान की भव्य प्रतिमाएं तथा कलाकारों के हैरतअंगेज करतब लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे।
पूरे मार्ग पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही और जय श्रीराम और बजरंगबली के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
जुलूस से पूर्व विधि-विधान के साथ विद्वान पंडित अशोक उपाध्याय द्वारा बजरंगबली का पूजा-अर्चना कर झंडा बदला गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सपा सांसद रमाशंकर विद्यार्थी रहे। पूजा-अर्चना के बाद आयोजक संदीप सौरभ सिंह ने मुख्य अतिथि सांसद रमाशंकर विद्यार्थी तथा विशिष्ट अतिथि नीरज सिंह गुड्डू, ब्लॉक प्रमुख भोला सिंह और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्याम बहादुर सिंह को अंगवस्त्र एवं भगवान हनुमान की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया। इसके बाद जुलूस में शामिल खिलाड़ियों एवं कलाकारों को पगड़ी बांधकर उनका उत्साहवर्धन किया गया। महावीरी झंडा जुलूस में पूनम, प्रतिभा, साक्षी, रिंकी, प्रीति, अमरजीत, कृष्णा, गोरख और विक्की समेत लड़कों के साथ-साथ लड़कियां भी हैरतअंगेज करतब प्रस्तुत कीं।
कलाकारों के साहस और कौशल को देखने के लिए सड़क के दोनों ओर लोगों की भारी भीड़ जुटी रही। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों में जुलूस को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। कलाकारों के रोमांचक प्रदर्शन पर दर्शकों ने तालियों से उनका उत्साह बढ़ाया।
जुलूस में भगवान हनुन की भव्य प्रतिमा के साथ सजे वाहन, आकर्षक झांकियां और रंग-बिरंगी सजावट ने आयोजन की भव्यता में चार चांद लगा दिए। जुलूस के पूरे मार्ग में जगह-जगह महिला श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। लोगों ने भगवान हनुमान के दर्शन कर सुख-समृद्धि एवं क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। जुलूस नगर भ्रमण करते हुए मुख्य मार्ग होते हुए चौराहे से होते हुए मां भगवती स्थान होते हुए पुनः मंदिर परिसर में जाकर समाप्त हुआ। जुलूस को लेकर प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। करीब आधा दर्जन थानों की पुलिस बल के साथ पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी पूरे मार्ग पर निगरानी करते रहे। जुलूस में धार्मिक आस्था, परंपरा, साहस और सांस्कृतिक रंगों से सजे इस आयोजन ने एक बार फिर सुखपुरा की गौरवशाली महावीरी झंडा जुलूस की परंपरा की भव्य झलक प्रस्तुत की।
आयोजन के दौरान लोगों ने आपसी भाईचारे, सौहार्द और शांतिपूर्ण वातावरण का परिचय दिया। आयोजकों ने जुलूस को सफल बनाने में सहयोग करने वाले ग्रामीणों, श्रद्धालुओं, कलाकारों तथा पुलिस-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।