बोले गैस उपभोक्ता
मिश्रवालिया निवासी उमेश मिश्रा ने बताया कि हमने गैस एजेंसी पर जाकर पर्ची भी कटवाया है। ऑनलाइन बुकिंग भी किया है। मोबाइल पर डिलीवरी का भी मैसेज आ गया है लेकिन अभी तक गैस नहीं मिला। समझ में नहीं आ रहा है क्या किया जाए।
नगर पंचायत बांसडीह वार्ड नंबर 15 निवासी शशिभूषण ने बताया कि में ना गैस एजेंसी पर गया ना ही मोबाइल से बुकिंग कराया। आश्चर्य यह है कि मेरे मोबाइल पर डिलीवरी कोड 520194, 9 मार्च को डिलीवर दिख रहा है।
बांसडीह कस्बा निवासी मुहम्मद नुरैन ने बताया कि में दस दिनों से पर्ची कटवाया हूं लेकिन अभी तक गैस सिलेंडर नहीं मिला है। मजबूरन हम लोग लकड़ी पर खाना बना रहे है। चार सौ गैस सिलेंडर आ रहा है तो डेढ़ हजार लोगों का लाइन लग रहा है। ऐसे स्थिति में जो लोग अस्वस्थ उनको गैस सिलेंडर कैसे मिलेगा।
बांसडीह बड़ी बाजार निवासी तलाकेश्वर गुप्ता ने बताया कि मैंने पिछले दस तारीख को बुकिंग किया था लेकिन अभी तक गैस सिलेंडर नहीं मिला। सुबह एजेंसी पर तीन बजे से मेरा लड़का तुषार गैस गोदाम पर लाइन में लगा था। गैस एजेंसी बंद होने तक खड़ा रहा लेकिन गैस नहीं मिला।
गैस का अभाव में चाय-समोसा की दुकानें भी हो रही बंद
शासन व प्रशासन में बैठे लोग गैस के किसी तरह की किल्लत से इनकार करते हुए दावा कर रहे हैं कि गैस की स्थिति सामान्य है, कहीं पर कोई कमी नहीं। यथार्थ के धरातल पर गैस के लिए हाहाकार मचा हुआ है। उपभोक्ताओं को ऑनलाइन बुकिंग के बावजूद गैस नहीं मिल पा रहा है।
हालत यह है कि रानीगंज-बैरिया के दर्जनों चाय- समोसे की दुकान गैस के अभाव में बंद हो गई है। रानीगंज (कोटवा) निवासी श्रीकृष्णगिरी, सावन छपरा के महेंद्र प्रसाद, चांदपुर के नारायण वर्मा, शोभा छपरा के फूलमती देवी, नरायनगढ़ के सुदर्शन ठाकुर, मुरारपट्टी की शांति देवी का कहना है कि ऑनलाइन बुकिंग के बावजूद डीएसी कोड नहीं आने से उनका गैस नहीं मिल पा रहा है। 15 दिन पहले बुक कराया गया है।
इसी तरह क्षेत्र के धतूरी टोला, सुरेमनपुर, इब्राहिमाबाद, कोटवा सहित कई गांव के उपभोक्ताओं ने बताया की बार-बार प्रयास करने के बावजूद मोबाइल से गैस बुकिंग हो ही नहीं पा रही है। ऐसे में गैस को लेकर परेशानी स्वाभाविक है। आपूर्ति निरीक्षण इंद्रेश तिवारी ने बताया कि बैकलाक के चलते डीएसी कोड की समस्या उत्पन्न हो रही है। मांग के सापेक्ष में आपूर्ति कम होने के कारण स्थिति असामान्य है।
आधी रात से ही गोदामों पर लग जा रही कतार
गैस की किल्लत होने पर गोदामों पर कतार आधी रात से कतार में लग जा रहे हैं। इसमें महिलाएं भी शामिल हो रही है। लोगों ने बताया कि गैस की जरूरत है। ऐसे में मजबूरी है कि कतार में कतार में रात को ही लग जाया जाए। नीलम गैस एजेंसी पर दो बजे भोर से ही कतार में लोग लग गए। सुबह सात बजे से गैस का वितरण शुरू हुआ तब तक करीब 200 उपभोक्ताओं की तार लग गई। पुलिस सुरक्षा के बीच 100 सिलिंडर उपलब्ध होने पर उतना ही वितरण किया गया। वापस लौटने वाले ग्राहकों में गुस्सा बना रहा।